स्वास्थ्य

COVID-19 : वैज्ञानिकों ने क्यों कहा कि दो साल तक रह सकता है कोरोना का प्रकोप

कोरोना वायरस का प्रकोप अगले 18-24 माह तक रह सकता है। इसे तब तक नियंत्रित नहीं किया जा सकेगा जब तक दुनिया की दो तिहाई आबादी में हर्ड इम्यूनिटी तैयार नहीं हो जाती है। सरकारों को चाहिए कि वे नागरिकों को इस महामारी से लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहें। इस महामारी से जुड़े विशेषज्ञों ने यह भविष्यवाणी की है।

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May 01, 2020
COVID-19

सेंटर फॉर इंफेक्शियस डिसीज रिसर्च एंड पॉलिसी के निदेशक माइकल ओस्टरहोम ने कहा है कि अभी अमरीका को और खराब स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। इसके अलावा चिकित्सा निदेशक क्रिस्टेन मूर, हॉर्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ के महामारी विज्ञानी मार्क लिपसिच ने भी भविष्यवाणी की है कि इससे संक्रमितों की मौत का सिलसिला जारी रहेगा, थमने वाला नहीं है।

लक्षण नहीं दिखना बड़ी समस्या
कोरोना वायरस के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई मामलों में इसके लक्षण ही नहीं दिखते हैं। इसलिए इसे काबू करना इंफ्लुएंजा से ज्यादा मुश्किल हो सकता है। इसलिए लॉकडाउन के बावजूद यह दोबारा तेजी से फैल सकता है। इसलिए महामारी के दोबारा लौटने की स्थिति के लिए भी तैयार रहना होगा। वैज्ञानिक वैक्सीन बनाने में जुटे हैं, यदि यह इस साल के अंत तक आ भी गई तो नियंत्रित उपलब्धता होगी। जबकि साल 2009-10 में आई फ्लू महामारी में वैक्सीन तब तक उपलब्ध नहीं हो पाई थी जब तक कि अमरीका में फ्लू का प्रकोप सबसे ज्यादा था।

Published on:
01 May 2020 08:44 pm