COVID variant BA 3.2 News : कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर खबर आ रही है। अमेरिका की संस्था CDC और WHO ने कोविड 19 के नए वैरिएंट COVID variant BA 3.2 को लेकर चिंता प्रकट की है। आइए, कोरोना के नए वैरिएंट के बारे में विस्तार से समझते हैं।
COVID variant BA 3.2 : कोविड 19 को लेकर बड़ी खबर आ रही है। अमेरिका की सीडीसी (CDC : Centers for Disease Control and Prevention) ने बताया है कि यूएस के 25 राज्यों और 23 देशों में कोविड 19 का नया वैरिएंट बीए 3.2 (COVID19 variant BA 3.2) रिपोर्ट किया गया है। इस नए वैरिएंट को लेकर यूएस में अफरातफरी मची हुई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये कोरोना के ओमिक्रॉन (Omicron) परिवार का एक हिस्सा है।
सीडीसी की जानकारी के मुताबिक, ओमिक्रॉन ग्रुप के इस नए वैरिएंट COVID 19 variant BA 3.2 को सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में दर्ज किया गया था। साल 2024 में इसका मामला सामने आया था। पर, अब ये 23 देशों में फैल चुका है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यह कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट का एक उप-वंश बताया जा रहा है। जैसे ओमिक्रॉन के पहले भी कई रूप आए (जैसे BA.1, BA.2, BA.5), वैसे ही BA.3 भी एक शुरुआती वैरिएंट है। इसी त रह BA 3.2 उसी का एक म्यूटेटेड (बदला हुआ) रूप है।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इस वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में कुछ ऐसे बदलाव देखे गए हैं जो इसे पुराने वैरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक बना सकते हैं। साथ ही यह काफी तेजी से फैल रहा है जैसा कि अब तक 23 से अधिक देशों में पाया जा चुका है।
इसके अलावा नए वैरिएंट को लेकर ऐसी चिंता जताई जा रही है कि यह पुराने संक्रमण या मौजूदा टीकों से मिली इम्युनिटी को चकमा देने में अधिक सक्षम हो सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियां इस पर 'निगरानी' (Variant Under Monitoring) बनाए रखी हैं। अभी तक ऐसे कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं कि यह पिछले ओमिक्रॉन वैरिएंट्स की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी पैदा करता है। संगठन का मानना भी है कि इसको लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसको लेकर व्यक्तिगत स्तर पर बचाव करने की जरुरत है।
अभी इसको लेकर वायरोलॉजिस्ट अभी शोध कर रहे हैं। इसको लेकर कुछ खास जानकारी सामने नहीं आई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरह कोरोना से बचने के लिए हाइजीन मेंटेन कर रहे थे उसी तरह से इसको लेकर भी सतकर्ता बरतें।