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TB New Vaccines : टीबी की नई वैक्सीन जो लंबी चलने वाली दवाईयों से दिलाएंगी मुक्ति, क्यों 2033 से पहले तैयार होना जरूरी?

TB New Vaccines : टीबी से लड़ने के लिए अभी तक हम पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाए हैं। वहीं, ग्लोबलडाटा के आंकड़ों का अनुमान है कि 2033 तक पूरी दुनिया में टीबी के नए केस की संख्या 45 लाख तक पहुंच सकती है। इसके लिए नए वैक्सीन का इंतजार किया जा रहा है […]

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भारत

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Ravi Gupta

Mar 26, 2026

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TB New Vaccines name : प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI

TB New Vaccines : टीबी से लड़ने के लिए अभी तक हम पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाए हैं। वहीं, ग्लोबलडाटा के आंकड़ों का अनुमान है कि 2033 तक पूरी दुनिया में टीबी के नए केस की संख्या 45 लाख तक पहुंच सकती है। इसके लिए नए वैक्सीन का इंतजार किया जा रहा है जिसका फेज 3 ट्रायल चल रहा है। क्योंकि, अभी तक एक ही टीका है- बैसिलस कैलमेट-गुएरिन यानी बीसीजी (BCG), वो भी सिर्फ शिशुओं के लिए है। ऐसे में व्यस्कों को टीबी से मुक्त होने के लिए सालों लग जाते हैं। शारीरिक परेशानी के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी ये मुश्किल भरा है। आइए, टीबी की नई दवाओं के बारे में जानते हैं।

TB Globaldata Chart | टीबी के आंकड़ों पर जरा गौर करें

ग्लोबलडेटा (GlobalData) का अनुमान है कि 16 प्रमुख बाजारों (भारत, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, यूके, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, मैक्सिको, रूस, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया) में टीबी के मामले 2024 में लगभग 40 लाख से बढ़कर 2033 तक लगभग 45 लाख हो जाएंगे।

टीबी की वर्तमान दवाएं सालों तक चलती हैं

अभी तक ऐसा कोई अनुमोदित टीका नहीं है जो किशोरों और वयस्कों में फेफड़ों की टीबी (पल्मोनरी टीबी) को प्रभावी ढंग से रोकता हो। टीबी के उपचार के संबंध में, वर्तमान में छह महीने का कोर्स शामिल है, जिसमें दो महीने आइसोनियाजिड, रिफैम्पिन, पाइराजिनामाइड, एथमब्यूटोल और चार महीने आइसोनियाजिड और रिफैम्पिन (HR) दिए जाते हैं। इसके अलावा MDR टीबी के कुछ मामलों में मरीजों को कई वर्षों तक उपचार की आवश्यकता होती है।

मौत का प्रमुख संक्रामक कारण : WHO

टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है। ये मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन यह अन्य अंगों को भी संक्रमित कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने टीबी पर अपनी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि यह संक्रमण एक "प्रमुख वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या" और मौत का प्रमुख संक्रामक कारण बना हुआ है।

टीबी की नई वैक्सीन का ट्रायल

हेल्थ साइट clinicaltrialsarena की रिपोर्ट के अनुसार, गेट्स फाउंडेशन M72/AS01E टीके का फेज III परीक्षण (NCT06062238) चला रहा है। इस टीके में M72 रीकॉम्बिनेंट फ्यूजन प्रोटीन होता है, जो दो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस एंटीजन (Mtb32A और Mtb39A) से प्राप्त होता है, जिसे एडजुवेंट सिस्टम AS01 के साथ मिलाया जाता है।

इस अध्ययन में इंडोनेशिया, केन्या, मलावी, दक्षिण अफ्रीका और जाम्बिया के 54 केंद्रों से 20,080 प्रतिभागियों को शामिल किया गया, जिनका टीबी परीक्षण नकारात्मक था।

पहले इस दवा की जांच GSK द्वारा की जा रही थी, लेकिन फेज IIb परीक्षण के बाद 2020 में इसे गेट्स फाउंडेशन को सौंप दिया गया। उस अध्ययन में, M72/AS01E का सुरक्षा प्रोफाइल स्वीकार्य पाया गया।

चीन भी बना रहा टीबी की वैक्सीन

चीन में, सिसेन फार्मास्युटिकल MDR टीबी के उपचार के रूप में सुडापाइरीडीन का फेज III परीक्षण (NCT05824871) कर रहा है। यह अध्ययन सुडापाइरीडीन या बेडाक्विलिन की तुलना करेगा।

ग्लोबलडेटा की विश्लेषक स्टेफनी कुरडाच का कहना है, "सुडापाइरीडीन को बेडाक्विलिन के एक सुरक्षित विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है। बेडाक्विलिन MDR टीबी के लिए WHO द्वारा अनुशंसित पहली दवा थी, लेकिन इसका सुरक्षा प्रोफाइल समस्याग्रस्त है। यदि सुडापाइरीडीन सुरक्षित और समान रूप से प्रभावी साबित होती है, तो यह बाजार में बेडाक्विलिन की जगह ले सकती है।"

हालांकि, अभी दोनों ही वैक्सीन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। पर, उम्मीद है कि इनसे टीबी से लड़ने में काफी हद तक मदद मिल सकती है।