स्वास्थ्य

Dog Saliva Health Risks: कुत्तों के काटने से नहीं, इनके यूरिन, लार… से होती हैं इतनी सारी खतरनाक बीमारियां, बरतें सावधानी

Dog Saliva Health Risks: कुत्तों के काटने से ही नहीं, उनके यूरिन, लार और मल से भी कई खतरनाक बीमारियां फैल सकती हैं। जानें लेप्टोस्पायरोसिस, रैबीज, फंगल इंफेक्शन और अन्य रोगों के लक्षण व बचाव के उपाय।
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Aug 28, 2025
Dog Saliva Health Risks
Dog Saliva Health Risks (Photo- freepik)

Dog Saliva Health Risks: अक्सर लोग यह मानते हैं कि कुत्तों से होने वाले खतरे सिर्फ उनके काटने तक सीमित हैं। लेकिन सच्चाई इससे कहीं आगे है। वैज्ञानिक शोध और डॉक्टरों के मुताबिक, कुत्तों के यूरिन (मूत्र), लार और यहां तक कि मल से भी कई तरह की खतरनाक बीमारियां इंसानों में फैल सकती हैं। यही कारण है कि पालतू कुत्तों की देखभाल और साफ-सफाई को लेकर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।

लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis)

कुत्तों के यूरिन में मौजूद बैक्टीरिया इंसानों में लेप्टोस्पायरोसिस नामक बीमारी फैलाते हैं। यह बीमारी बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और यहां तक कि लीवर और किडनी डैमेज का कारण बन सकती है। बारिश के मौसम में इसका खतरा और बढ़ जाता है।

रैबीज सिर्फ काटने से नहीं

अक्सर रैबीज को सिर्फ कुत्ते के काटने से फैलने वाली बीमारी समझा जाता है, लेकिन यह कुत्तों की लार से भी फैल सकती है। अगर लार खुले जख्म या आंख, नाक या मुंह की झिल्ली पर लग जाए तो संक्रमण संभव है।

साल्मोनेला और ई.कोलाई इंफेक्शन

कुत्तों के मल और गंदगी में पाए जाने वाले बैक्टीरिया साल्मोनेला और ई.कोलाई इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं। यह पेट दर्द, डायरिया, उल्टी और गंभीर स्थिति में डिहाइड्रेशन तक पहुंचा सकता है। छोटे बच्चों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों पर इसका असर ज्यादा होता है।

रिंगवर्म (फंगल इंफेक्शन)

कुत्तों की त्वचा पर मौजूद फंगस उनके बाल और लार के जरिए इंसानों में पहुंच सकता है। इससे त्वचा पर लाल गोल निशान, खुजली और जलन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

टॉक्सोकारा इंफेक्शन

कुत्तों की गंदगी में मौजूद परजीवी (पैरासाइट्स) इंसानों के शरीर में जाकर आंख, लिवर और फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

कैसे बचें?

  • कुत्तों के आसपास साफ-सफाई रखें और उनके यूरिन, मल को तुरंत साफ करें।
  • पालतू कुत्तों का समय-समय पर टीकाकरण और चेकअप कराते रहें।
  • बच्चों को सिखाएं कि वे कुत्तों के मल या लार के संपर्क में न आएं।
  • किसी भी तरह का जख्म या कट हो तो पालतू जानवरों से थोड़ी दूरी बनाए रखें।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
01 Sept 2025 08:25 pm
Published on:
28 Aug 2025 03:26 pm