
Empyema: जब भी हमें छाती या फेफड़ों से जुड़ी कोई बीमारी होती है, तो अक्सर हमारा ध्यान खांसी, बलगम या निमोनिया पर जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी-कभी हमारे फेफड़ों और छाती की दीवार के बीच के खाली हिस्से में गाढ़ा पीला मवाद (पस) जमा हो जाता है? इस गंभीर स्थिति को एम्पायमा (Empyema) कहा जाता है। यह बीमारी तब होती है जब फेफड़ों का कोई पुराना इन्फेक्शन बढ़ जाता है। आइए क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) से समझते हैं कि एम्पायमा आखिर क्या है, यह क्यों होता है और इसके मुख्य लक्षण क्या हैं।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, हमारे फेफड़ों के चारों तरफ एक पतली सी झिल्ली (परत) होती है, जिसे प्लूरल स्पेस (Pleural Space) कहा जाता है। सामान्य स्थिति में इस स्पेस में थोड़ा सा साफ पानी जैसा लिक्विड होता है जो फेफड़ों को सांस लेते समय रगड़ खाने से बचाता है। लेकिन जब इसी खाली जगह में बैक्टीरिया के हमले के कारण मवाद (पस) भरने लगता है, तो उसे 'एम्पायमा' कहा जाता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, एम्पायमा का सबसे बड़ा कारण निमोनिया (Pneumonia) है। जब किसी व्यक्ति को गंभीर निमोनिया होता है और उसका सही समय पर इलाज नहीं हो पाता, तो फेफड़ों का बैक्टीरिया धीरे-धीरे इस प्लूरल स्पेस (खाली जगह) में पहुंच जाता है। वहां जाकर यह तेजी से फैलता है और संक्रमण के कारण मवाद का रूप ले लेता है। इसके अलावा, छाती में लगी कोई गंभीर चोट या सर्जरी के बाद होने वाला इन्फेक्शन भी इसकी वजह बन सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।