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खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी? HMPV वायरस हो सकता है वजह, NIH की रिसर्च से जानिए लक्षण

HMPV Virus: खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी HMPV वायरस का संकेत हो सकते हैं। NIH, CDC और Cleveland Clinic से जानिए इसके लक्षण और बचाव।
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भारत

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Dimple Yadav

Jun 25, 2026

Human Metapneumovirus HMPV Symptoms HMPV Infection

खांसी और बुखार से पीड़ित व्यक्ति को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

HMPV Virus Symptoms: मौसम बदलते ही सर्दी, खांसी और बुखार के मामले बढ़ने लगते हैं। ज्यादातर लोग इन लक्षणों को सामान्य वायरल संक्रमण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर खांसी लगातार बनी रहे, बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी होने लगे या बच्चा और बुजुर्ग ज्यादा कमजोर महसूस करें, तो इसके पीछे ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (Human Metapneumovirus-HMPV) नाम का वायरस भी हो सकता है।

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH), सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) और Cleveland Clinic के अनुसार, HMPV एक आम श्वसन वायरस है जो नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। अधिकांश लोगों में यह हल्के सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण पैदा करता है, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर संक्रमण का कारण भी बन सकता है।

HMPV वायरस क्या है?

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस एक श्वसन संबंधी वायरस है, जिसकी पहचान पहली बार 2001 में हुई थी। NIH की रिपोर्ट के अनुसार, यह दुनिया भर में फैलने वाला वायरस है और लगभग हर व्यक्ति बचपन में कभी न कभी इसके संपर्क में आता है। यह वायरस मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या नजदीकी संपर्क से फैल सकता है।

HMPV के सामान्य लक्षण क्या हैं?

CDC के अनुसार, HMPV के लक्षण कई बार सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही होते हैं।

  1. लगातार खांसी- यह वायरस सूखी या बलगम वाली खांसी पैदा कर सकता है, जो कई दिनों तक बनी रह सकती है।
  2. बुखार- संक्रमण के दौरान हल्का से मध्यम बुखार आ सकता है। कुछ मामलों में बुखार अधिक भी हो सकता है।
  3. नाक बहना या बंद होना- कई मरीजों में नाक बहने, छींक आने और नाक बंद होने की शिकायत देखी जाती है।
  4. गले में खराश- गले में दर्द या खराश भी शुरुआती लक्षणों में शामिल हो सकती है।
  5. सांस लेने में परेशानी-Cleveland Clinic के अनुसार, कुछ लोगों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंच सकता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत या घरघराहट की समस्या हो सकती है।
  6. थकान और कमजोरी- वायरल संक्रमण की वजह से शरीर में कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।

किन लोगों में ज्यादा खतरा होता है?

NIH और CDC के अनुसार, कुछ लोगों में HMPV संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है:

  • 5 साल से कम उम्र के बच्चे
  • 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग
  • अस्थमा या फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित मरीज
  • हृदय रोग वाले लोग

इन लोगों में संक्रमण निमोनिया या ब्रोंकियोलाइटिस जैसी जटिलताओं का कारण बन सकता है।

HMPV और सामान्य सर्दी में क्या फर्क है?

HMPV के शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर पहचान करना मुश्किल होता है। हालांकि, यदि खांसी लंबे समय तक बनी रहे, सांस लेने में परेशानी हो या लक्षण तेजी से गंभीर होते जाएं, तो डॉक्टर विशेष जांच की सलाह दे सकते हैं।

इसका इलाज कैसे किया जाता है?

CDC के अनुसार, HMPV के लिए फिलहाल कोई विशेष एंटीवायरल दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। अधिकांश मामलों में इलाज लक्षणों को नियंत्रित करने पर केंद्रित होता है:

  • पर्याप्त आराम
  • पर्याप्त तरल पदार्थ लेना
  • बुखार नियंत्रित करने वाली दवाएं (डॉक्टर की सलाह से)
  • जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन या अस्पताल में उपचार

संक्रमण से बचाव कैसे करें?

  • बार-बार हाथ धोना
  • खांसते या छींकते समय मुंह ढंकना
  • बीमार व्यक्ति से दूरी बनाना
  • आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचना
  • बीमार होने पर घर पर आराम करना

NIH की रिसर्च क्या कहती है?

NIH की समीक्षा में बताया गया है कि HMPV दुनिया भर में बच्चों और बुजुर्गों में श्वसन संक्रमण का एक महत्वपूर्ण कारण है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह वायरस ऊपरी और निचले दोनों श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकता है और कुछ मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की नौबत भी आ सकती है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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