Energy Drinks Banned: पंजाब का एक छोटा सा गांव संगरूर जिले में एनर्जी ड्रिंक को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। इस फैसले का मुख्य कारण बच्चों की इन ड्रिंक्स की ओर बढ़ती लत और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं।
Energy Drinks Banned: पंजाब का एक छोटा सा गांव, संगरूर जिले के उपली गांव की पंचायत ने युवाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा पहल किया है, जहां एनर्जी ड्रिंक को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। इस फैसले का मुख्य कारण बच्चों की इन ड्रिंक्स की ओर बढ़ती लत और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं। साथ ही सभी दुकानदारों से अपील की गई है कि वे एनर्जी ड्रिंक्स जैसे पेय न बेचें। आइए जानते हैं क्या कारण है एनर्जी ड्रिंक बैन करने का मुख्य कारण और स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है एनर्जी ड्रिंक।
एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो बच्चों में लत लगा सकती है। और युवा पीढ़ी में इस एनर्जी ड्रिंक की बढ़ती लत उन्हें नशीली चीजों की ओर भी ले जा सकती है। गांव के सरपंच ने यह भी बताया कि खासकर लाल और नीले रंग की ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा अधिक होती है।
एनर्जी ड्रिंक्स बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं। इनमें नींद की समस्या, दिल की धड़कन बढ़ना, चिड़चिड़ापन और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
National Institutes of Health के अनुसार, एनर्जी ड्रिंक ऐसे तो एनर्जी बढ़ाने के लिए सप्लीमेंट के रूप में काम करते हैं, लेकिन बच्चों और युवाओं पर इसके नकारात्मक प्रभाव भी देखे गए हैं। ये एनर्जी ड्रिंक शरीर के कई हिस्सों पर बुरा असर डाल सकते हैं। इसलिए इनका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए।
हाई कैफीन कंटेंट दिमाग पर सीधा असर डालता है। कुछ लोगों में यह जेनेटिक कारणों से चिंता, घबराहट या बेचैनी को और बढ़ा देता है। जो लोग रोजाना एनर्जी ड्रिंक लेते हैं, उनमें यह समस्या और भी तेज दिखाई दे सकती है।
एनर्जी ड्रिंक्स शुगर से भरपूर होती हैं और इनकी एसिडिक नेचर दांतों के इनैमल को नुकसान पहुंचाती है। धीरे-धीरे दांतों में सेंसिटिविटी, कैविटी और मसूड़ों की समस्या शुरू हो सकती है।
एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन के साथ-साथ चीनी की मात्रा भी बहुत ज़्यादा होती है। आधा लीटर एनर्जी ड्रिंक में करीब 220 कैलोरीज़ तक हो सकती हैं, जो वजन बढ़ाने और ब्लड शुगर लेवल को असंतुलित करने का काम करती हैं।
इन ड्रिंक्स का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि ये धीरे-धीरे आदत बना देती हैं। एक बार सेवन शुरू करने के बाद दिमाग़ को लगता है कि हर वर्कआउट, मीटिंग या एक्टिविटी से पहले इन्हें लेना ज़रूरी है। यही निर्भरता आगे चलकर लत में बदल सकती है।
वर्कआउट या गेम्स के दौरान कई लोग एनर्जी ड्रिंक को पानी का विकल्प मान लेते हैं, लेकिन असल में ऐसा करना शरीर के लिए हानिकारक है। कैफीन किडनी पर दबाव डालता है और ज्यादा मात्रा में लेने पर शरीर से पानी की कमी होने लगती है। नतीजतन थकान और कमजोरी बढ़ सकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।