स्वास्थ्य

बार-बार पेशाब और बहुत ज्यादा प्यास? किडनी की बीमारी का हो सकता है संकेत, NCBI से जानिए Fanconi Syndrome के बारे में

Kidney Tubule Disorder: बार-बार पेशाब आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना और हड्डियां कमजोर होना Fanconi Syndrome के संकेत हो सकते हैं। जानिए इसके लक्षण, कारण और इलाज।
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Jul 03, 2026
Fanconi Syndrome Kidney Disease Kidney Health Frequent Urination
बार-बार पेशाब आना, ज्यादा प्यास लगना, हड्डियों की कमजोरी और किडनी की समस्या (photo- freepik)

Fanconi Syndrome Symptoms: क्या आपको बार-बार पेशाब आता है? पानी पीने के कुछ देर बाद ही फिर प्यास लगने लगती है? या बिना किसी बड़ी वजह के हड्डियों में दर्द और कमजोरी महसूस होती है? अक्सर लोग इन लक्षणों को गर्मी, कम पानी पीने या कैल्शियम की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में ये Fanconi Syndrome नाम की एक दुर्लभ किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकते हैं।

यह बीमारी सीधे किडनी की उन छोटी-छोटी नलिकाओं (Kidney Tubules) को प्रभावित करती है, जिनका काम शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों को दोबारा खून में वापस भेजना होता है। जब ये नलिकाएं ठीक से काम नहीं करतीं, तो कई जरूरी तत्व पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकलने लगते हैं।

Fanconi Syndrome क्या है?

NCBI Bookshelf (StatPearls) के अनुसार, Fanconi Syndrome कोई एक बीमारी नहीं बल्कि ऐसी स्थिति है जिसमें किडनी की प्रॉक्सिमल ट्यूब्यूल (Proximal Tubule) ठीक से काम नहीं करती। इसका असर यह होता है कि ग्लूकोज, अमीनो एसिड, फॉस्फेट, बाइकार्बोनेट और अन्य जरूरी मिनरल्स शरीर में वापस अवशोषित होने की बजाय पेशाब के जरिए बाहर निकल जाते हैं।इसी वजह से शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगती है और कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

  1. बार-बार पेशाब आना

अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार पेशाब आ रहा है और यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो इसे सिर्फ ज्यादा पानी पीने का असर मानकर नजरअंदाज न करें। Cleveland Clinic के अनुसार, Fanconi Syndrome में किडनी जरूरी पदार्थों को रोक नहीं पाती, जिससे पेशाब की मात्रा बढ़ सकती है।

  1. हर समय प्यास लगना

बार-बार पेशाब आने के कारण शरीर से पानी भी ज्यादा निकलता है। ऐसे में व्यक्ति को लगातार प्यास लग सकती है। यदि सामान्य से अधिक पानी पीने के बावजूद प्यास कम नहीं हो रही है, तो डॉक्टर इसकी वजह जानने के लिए जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

  1. हड्डियों में दर्द और कमजोरी

यदि शरीर में फॉस्फेट लंबे समय तक कम होता रहे, तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। NCBI Bookshelf के अनुसार, Fanconi Syndrome में फॉस्फेट की कमी के कारण बच्चों में रिकेट्स (Rickets) और वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया (Osteomalacia) जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे हड्डियों में दर्द और कमजोरी महसूस होती है।

  1. मांसपेशियों में कमजोरी

कई लोगों को सीढ़ियां चढ़ने, वजन उठाने या रोजमर्रा के काम करते समय कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसा शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स के असंतुलन की वजह से हो सकता है।

  1. बच्चों की लंबाई और विकास प्रभावित होना

Cleveland Clinic के अनुसार, यदि यह समस्या बच्चों में होती है तो उनकी लंबाई सामान्य गति से नहीं बढ़ती। साथ ही हड्डियों का विकास भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए यदि बच्चा उम्र के अनुसार बढ़ नहीं रहा है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

  1. शरीर में बार-बार पानी की कमी (Dehydration)

बार-बार पेशाब आने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसके कारण थकान, कमजोरी, चक्कर आना और मुंह सूखना जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

Fanconi Syndrome क्यों होता है?

Medscape के अनुसार, इसके कई कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों में यह जन्म से मौजूद आनुवंशिक (Genetic) कारणों से होता है। कुछ मामलों में यह कुछ दवाओं, भारी धातुओं (Heavy Metals), मल्टीपल मायलोमा (Multiple Myeloma) या अन्य बीमारियों के कारण बाद में विकसित हो सकता है। इसलिए हर मरीज में इसका कारण अलग हो सकता है।

डॉक्टर इसकी पहचान कैसे करते हैं?

Fanconi Syndrome का पता लगाने के लिए डॉक्टर मरीज के लक्षणों के साथ कई जांचों की सलाह दे सकते हैं, जैसे-

  • यूरिन टेस्ट
  • ब्लड टेस्ट
  • इलेक्ट्रोलाइट्स की जांच
  • फॉस्फेट और बाइकार्बोनेट का स्तर
  • जरूरत पड़ने पर अन्य किडनी संबंधी जांच

क्या इसका इलाज संभव है?

NCBI Bookshelf और Cleveland Clinic के अनुसार, इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी की वजह क्या है।यदि किसी दवा के कारण यह समस्या हुई है, तो डॉक्टर दवा बदल सकते हैं। वहीं शरीर में कम हो रहे मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति के लिए फॉस्फेट, बाइकार्बोनेट, पोटैशियम या विटामिन D जैसी दवाएं दी जा सकती हैं। यदि इसके पीछे कोई दूसरी बीमारी है, तो उसका इलाज भी जरूरी होता है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें-

  • बार-बार पेशाब आना
  • लगातार बहुत ज्यादा प्यास लगना
  • हड्डियों में दर्द या कमजोरी
  • मांसपेशियों में कमजोरी
  • बच्चे की लंबाई सामान्य से कम बढ़ना
  • बार-बार डिहाइड्रेशन होना

इन लक्षणों के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए सही वजह जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
03 Jul 2026 12:53 pm