स्वास्थ्य

मोटापा कम करने से लेकर ग्रीन टी के हैं कई फायदे, लेकिन गलत समय पर पीना हो सकता है खतरनाक

ग्रीन टी के कई फायदे हैं। यह पेट पर जमे हुए फैट को कम करती है, त्वचा को चमक देती है और पाचन सुधारती है। फिर भी इसे लगातार पीना ठीक नहीं।
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Updated: 31 Dec 2016, 11:29 AM IST
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ग्रीन टी आज ज्यादातर लोगों के रुटीन में अपनी जगह बना चुकी है। इसके फायदों को देखते हुए लोग मिल्क टी की जगह इसे पीना पसंद कर रहे हैं। नाश्ते से लेकर दोपहर की चाय तक में इसी का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं कई लोग जो अपने मोटापे से परेशान हैं, वो भी इसका इस्तेमाल अपने को पतला करने में करते हैं। कई बार तो वे दिनभर में कई कप ग्रीन टी पी जाते हैं।

ग्रीन टी के कई फायदे हैं। यह पेट पर जमे हुए फैट को कम करती है, त्वचा को चमक देती है और पाचन सुधारती है। फिर भी इसे लगातार पीना ठीक नहीं। वैसे भी किसी भी चीज का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा नहीं किया जाना चाहिए। यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि गलत समय पर ग्रीन टी पीने से कुछ दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। ग्रीन टी में कैफीन और टैनिन होता है, जो गैस्ट्रिक जूस को पतला कर देते हैं और आपकी पाचन प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। इसके कारण जी मिचलाना, गैस्ट्रिक पेन, पेट दर्द या एसिडिटी हो सकती है।

2 से 3 कप ही लें

ग्रीन टी को सही समय पर और सही मात्रा में लिया जाए तो ही हमें इसके अधिकतम लाभ मिलते हैं। दुनियाभर में की गई खोजों और अध्ययनों के अनुसार ग्रीन टी से कई लाभ होते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन करने से स्वास्थ्य पर दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। इसका फायदा उठाने के लिए दिन में अधिकतम 2 से 3 कप ही ग्रीन टी पीएं।

समय का रखें ध्यान

आप खाना खाने के आधा घंटा पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद ग्रीन टी पीएं। ग्रीन टी में चीनी या दूध न मिलाएं। इसे शहद के साथ पीएं। ग्रीन टी में उपस्थित कैफीन व शहद के विटामिन्स न्यूरोंस को पुनर्जीवित करते हैं। ये मिलकर शरीर में उपस्थित फैट को बर्न करते हैं। शहद कैलोरीज कम करने में मदद करता है और ग्रीन टी पाचन दर को बढ़ाती है। खाना खाने के तुरंत बाद ग्रीन टी न पीएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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