Health Tips: कई बार खाने में थोड़ी लापरवाही के चलते फूड पॉइजनिंग की समस्या पैदा हो जाती है। जिससे कमजोरी के साथ-साथ आपको थकान महसूस होने लगती है और कुछ खा पाना भी मुश्किल होता है। आइए जानते हैं फूडपॉइजनिंग के बारे में-
Health Tips: कई बार खाने में थोड़ी लापरवाही के चलते फूड पॉइजनिंग की समस्या पैदा हो जाती है। जिससे कमजोरी के साथ-साथ आपको थकान महसूस होने लगती है और कुछ खा पाना भी मुश्किल होता है। आइए जानते हैं फूडपॉइजनिंग के बारे में-
फूड पॉइजनिंग
यह बैक्टीरिया जनित रोग है जो पुराने, खराब या दूषित भोजन से होता है। बैक्टीरिया या उसके विषैले तत्व जब हमारे पेट में जाकर आंतों में संक्रमण फैलाते हैं तो फूड पॉइजनिंग की समस्या होती है।
फूड पॉइजनिंग के कारण
दूषित भोजन, गंदे हाथों से सब्जियां काटना और पकाना इसकी मुख्य वजह है। बिना ढका खाना खाने से भी फूड पॉइजनिंग हो सकती है।
लक्षण
जी घबराना, पेटदर्द, उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन। लेकिन जब सामान्य लक्षणों के अलावा बेहोशी, सुस्ती, ब्लड प्रेशर और डिहाइड्रेशन की वजह से पेशाब कम आने लगे तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।
बैक्टीरिया
गर्मी के मौसम में ये बैक्टीरिया और वायरस सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं। इसकी वजह वातावरण में मौजूद मक्खी और मच्छर हैं।
इलाज
ज्यादातर मामलों में फूड पॉइजनिंग की समस्या थोड़े समय बाद अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन कई बार स्थिति गंभीर भी हो सकती है। जिसके लिए डॉक्टर तुरंत राहत के लिए ओआरएस (ओरल रीहाइड्रेशन सोल्यूशन) का घोल और जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं।
बचाव के लिए
हमेशा ताजा और गर्म खाना खाएं। जहां तक संभव हो घर का बना भोजन करें। खाना बनाने और खाने से पहले व बाद में हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं। बाजार की चाट, जूस या कटे हुए फलों से परहेज करें। फ्रिज में रखे खाने को गर्म करने के बाद ही प्रयोग में लेना चाहिए।