कई बार घुटने, कूल्हे, कोहनी और कंधों के जोड़ों में भी परेशानी होने लगती है। रुमेटाइड आर्थराइटिस आमतौर पर हाथों और पैरों के छोटे जोड़ों को प्रभावित करता है। यह एक प्रकार का क्रॉनिक और इंफ्लेमेटरी (सूजन पैदा करने वाला) रोग है। जिसमें हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही शरीर पर हमला करती है।

इसके प्रमुख लक्षण क्या हैं?
दर्द, सूजन, जोड़ों में अकड़न जो आराम करने पर और भी गंभीर रूप ले लेती है। वहीं शारीरिक गतिविधियों के बाद इसमें आराम मिलता है। आमतौर पर मरीज को सुबह उठने पर करीब आधे घंटे तक शरीर में अकड़न का अहसास होता है। यह रोग मरीज की शारीरिक गतिविधियों को सीमित कर निजी, पेशेवर और सामाजिक जिंदगी को प्रभावित करता है।
इलाज से मिलता है आराम
डिजीज-मॉडीफाइंग एंटी रुमेटिक ड्रग्स इस रोग के इलाज में कारगर होती हैं। खासतौर से मेथोट्रैक्सेट ड्रग इस रोग के इलाज के लिए महत्वपूर्ण दवा है। रुमेटाइड आर्थराइटिस (आरए) का ट्रीटमेंट कितने दिनों तक चलता है? इस रोग को भी ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की तरह कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन इसका इलाज जीवनभर चलता है।
डॉक्टर की सलाह से करें योग व वॉक
इस रोग में दवाइयां लेने से भले ही 3-4 महीने में आराम मिल जाए लेकिन मरीज को कभी भी मेडिसिन नहीं छोड़नी चाहिए। दवाओं के साथ-साथ व्यायाम इसमें सपोर्टिव ट्रीटमेंट का काम करता है इसलिए आप अपने डॉक्टर की सलाह से योगा या वॉक आदि कर सकते हैं।