Heart Attack: हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं? डॉक्टर बता रहे हैं ऐसे संकेत जिन्हें लोग अक्सर गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
Heart Attack: डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट बार-बार कहते हैं कि दिल हमारे शरीर का सबसे जरूरी अंग है, लेकिन इसके बावजूद दिल की बीमारी आज भी दुनिया में मौत की सबसे बड़ी वजह बनी हुई है। भारत में भी हालात चिंताजनक हैं। इंडियन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक साल 2020 में 30 से 60 साल की उम्र के करीब 19 हजार लोगों की मौत हार्ट अटैक से हुई, जबकि 2021 में 18 से 30 साल के युवाओं में भी 2,500 से ज्यादा मौतें दर्ज की गईं। यानी हार्ट अटैक अब सिर्फ बुज़ुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है।
डॉ. दिनेश बताते हैं कि ज्यादातर लोग हार्ट अटैक को फिल्मों की तरह समझते हैं, जहां इंसान अचानक सीने पर हाथ रखकर गिर जाता है। लेकिन असल जिंदगी में ऐसा हमेशा नहीं होता। कई बार इसके शुरुआती संकेत इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें गैस, बदहजमी या मांसपेशियों के खिंचाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। डॉ. दिनेश के मुताबिक हार्ट अटैक में सबसे अहम बात है समय। वे कहते हैं कि टाइम इज मसल, यानी जितनी जल्दी आप लक्षण पहचानेंगे, उतना ज्यादा दिल का मसल बचाया जा सकता है।
अधिकतर लोगों में हार्ट अटैक का पहला संकेत सीने में तकलीफ होता है। लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि तेज़ चुभने वाला दर्द हो। कई मरीज इसे इस तरह महसूस करते हैं। सीने पर भारी दबाव या जकड़न, जैसे कोई बहुत भारी चीज रख दी गई हो। सीने के बीचों-बीच भरा-भरा या भारीपन महसूस होना। ऐसा दर्द या परेशानी जो कुछ मिनट तक रहे या बार-बार आए-जाए।
एक आम गलतफहमी यह भी है कि हार्ट अटैक का असर सिर्फ सीने में होता है। डॉ. दिनेश बताते हैं कि कई बार दर्द या परेशानी शरीर के दूसरे हिस्सों में भी महसूस हो सकती है, जैसे
डॉ. दिनेश यह भी बताते हैं कि महिलाएं, बुज़ुर्ग और डायबिटीज के मरीजों में हार्ट अटैक के लक्षण अलग हो सकते हैं। कई बार इनमें दर्द बिल्कुल नहीं होता। इसके बजाय ये संकेत दिख सकते हैं। अचानक बहुत ज्यादा थकान, जैसे बिना कुछ किए ही बहुत मेहनत कर ली हो। बिना किसी मेहनत के सांस फूलना या फिर मतली, उलटी जैसा मन या ठंडा पसीना, जिसे लोग अक्सर फ्लू या फूड पॉइजनिंग समझ लेते हैं।
डॉ. दिनेश की साफ सलाह है अगर कमर से ऊपर शरीर में कोई भी अचानक, अजीब और गलत-सा महसूस हो, तो इंतजार न करें। यह सोचकर न बैठें कि अपने-आप ठीक हो जाएगा। तुरंत इमरजेंसी सर्विस को कॉल करें। सही समय पर लिया गया कदम आपकी जान बचा सकता है।