
Heart Palpitation: कभी अचानक ऐसा महसूस हुआ है कि आपका दिल बहुत तेज धड़क रहा है, जैसे सीने में हलचल हो रही हो या धड़कन एक पल के लिए रुककर फिर तेज चलने लगी हो? कई बार यह एहसास कुछ सेकंड में खत्म हो जाता है, लेकिन अगर यह बार-बार होने लगे या इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Mayo Clinic के अनुसार, इस स्थिति को हार्ट पल्पिटेशन (Heart Palpitations) कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को अपनी दिल की धड़कन सामान्य से ज्यादा तेज, अनियमित या जोर से महसूस हो सकती है। यह हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन कुछ मामलों में यह दिल या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है।
सबसे आम लक्षण यही है कि बिना ज्यादा मेहनत किए भी दिल तेजी से धड़कता हुआ महसूस होता है। कुछ लोगों को ऐसा लगता है जैसे दिल फड़फड़ा रहा हो या धड़कन छूट रही हो।
अगर दिल की धड़कन अनियमित हो जाए, तो कुछ समय के लिए दिमाग तक रक्त का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। Cleveland Clinic के अनुसार, ऐसे में चक्कर आना या सिर हल्का लगना महसूस हो सकता है।
यदि तेज धड़कन के साथ सांस लेने में परेशानी होने लगे, तो यह ऐसा संकेत हो सकता है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर यदि यह आराम की स्थिति में भी हो।
Mayo Clinic बताता है कि यदि हार्ट पल्पिटेशन के साथ सीने में दर्द, भारीपन या दबाव महसूस हो, तो तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी है। यह गंभीर हृदय समस्या का संकेत भी हो सकता है।
अगर धड़कन बढ़ने के साथ व्यक्ति बेहोश हो जाए या बार-बार ऐसा महसूस करे कि वह गिर सकता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
NHS के अनुसार, हार्ट पल्पिटेशन के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें तनाव, चिंता, कैफीन का अधिक सेवन, धूम्रपान, शराब, कुछ दवाएं, हार्मोनल बदलाव, थायरॉयड की समस्या या कुछ मामलों में दिल की धड़कन से जुड़ी बीमारी शामिल हो सकती है। हालांकि, कई लोगों में इसका कोई गंभीर कारण नहीं मिलता और यह कुछ समय बाद अपने आप ठीक भी हो जाता है।
अगर दिल की धड़कन बार-बार तेज हो रही हो, लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ सीने में दर्द, सांस फूलना, बेहोशी, तेज चक्कर या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण भी हों, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर ECG, Holter Monitor या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।
अगर हार्ट पल्पिटेशन तनाव, ज्यादा कैफीन या खराब जीवनशैली से जुड़ा है, तो कुछ आसान बदलाव मदद कर सकते हैं। पर्याप्त नींद लें, तनाव कम करने की कोशिश करें, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं, कैफीन सीमित मात्रा में लें और नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। याद रखें, हर तेज धड़कन किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन अगर इसके साथ ऊपर बताए गए लक्षण भी दिखें, तो लापरवाही करने के बजाय समय रहते डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।