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दिल की धड़कन अचानक तेज या अनियमित हो जाती है? NHS से जानिए Atrial fibrillation क्या होता है

Atrial Fibrillation Causes: क्या आपकी दिल की धड़कन अचानक तेज या अनियमित हो जाती है? जानिए एट्रियल फाइब्रिलेशन (AFib) क्या है, इसके लक्षण, जोखिम और डॉक्टर कब दिखाना चाहिए।
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भारत

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Dimple Yadav

Jul 02, 2026

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दिल की अनियमित धड़कन के संकेत और बचाव (photo- freepik)

Atrial Fibrillation Symptoms: कभी-कभी बिना किसी वजह के दिल बहुत तेज धड़कने लगता है। ऐसा महसूस होता है जैसे सीने में कुछ फड़फड़ा रहा हो या दिल अपनी सामान्य लय से हटकर धड़क रहा है। कई लोग इसे तनाव, थकान या ज्यादा चाय-कॉफी पीने का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ऐसा बार-बार हो रहा है, तो यह एट्रियल फाइब्रिलेशन (AFib) नाम की दिल की एक गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।

NHS (UK), मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार एट्रियल फाइब्रिलेशन एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल की ऊपरी दो चैंबर (Atria) सामान्य लय में धड़कने के बजाय बहुत तेज और अनियमित तरीके से धड़कते हैं। इससे दिल शरीर में खून को उतनी प्रभावी तरह से पंप नहीं कर पाता, जितना उसे करना चाहिए।

एट्रियल फाइब्रिलेशन क्या होता है?

हमारा दिल आमतौर पर एक नियमित लय में धड़कता है। लेकिन AFib में यह लय बिगड़ जाती है। धड़कन कभी बहुत तेज हो सकती है, कभी अनियमित और कभी ऐसा महसूस हो सकता है कि दिल फड़फड़ रहा है। हर व्यक्ति में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते। कुछ लोगों को स्पष्ट परेशानी होती है, जबकि कुछ को लंबे समय तक कोई लक्षण महसूस नहीं होते और बीमारी का पता जांच के दौरान चलता है।

किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

NHS और Mayo Clinic के अनुसार एट्रियल फाइब्रिलेशन में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं-

  • दिल की धड़कन का अचानक तेज या अनियमित होना
  • सीने में फड़फड़ाहट (Palpitations)
  • थोड़ी मेहनत में सांस फूलना
  • जल्दी थक जाना
  • चक्कर आना या हल्का बेहोश जैसा महसूस होना
  • कमजोरी महसूस होना
  • कुछ लोगों में सीने में दर्द या दबाव

अगर सीने में तेज दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण हों, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानकर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?

Cleveland Clinic और Mayo Clinic के अनुसार कुछ लोगों में AFib होने का खतरा अधिक हो सकता है, जैसे-

  • 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग
  • हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज
  • दिल की दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोग
  • हार्ट सर्जरी करा चुके लोग
  • डायबिटीज के मरीज
  • मोटापे से जूझ रहे लोग
  • स्लीप एपनिया वाले लोग
  • अत्यधिक शराब पीने वाले लोग
  • थायरॉयड की कुछ समस्याओं वाले लोग

AFib को नजरअंदाज करना क्यों खतरनाक हो सकता है?

NHS और Cleveland Clinic के अनुसार AFib के दौरान दिल में खून रुककर थक्का (Blood Clot) बना सकता है। यदि यह थक्का मस्तिष्क तक पहुंच जाए, तो स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। यही कारण है कि समय पर पहचान और इलाज बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

डॉक्टर इसकी पहचान कैसे करते हैं?

अगर डॉक्टर को दिल की धड़कन के अनियमित होने यानी एट्रियल फिब्रिलेशन (AFib) का शक होता है, तो वे सबसे पहले आपकी मेडिकल हिस्ट्री और लक्षणों को समझते हैं। इसकी सटीक पहचान के लिए कुछ खास जांचें की जाती हैं, जैसे ECG, कुछ दिनों तक हार्ट रिदम पर नज़र रखने के लिए होल्टर मॉनिटर, और दिल की बनावट देखने के लिए इकोकार्डियोग्राम। इसके अलावा, खून की जांच और जरूरत पड़ने पर कुछ अन्य टेस्ट भी किए जा सकते हैं, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर दिल की यह हलचल क्यों बदल रही है।

इलाज कैसे किया जाता है?

एक बार स्थिति साफ होने के बाद ही इलाज की दिशा तय होती है। हर मरीज की उम्र, बीमारी की गंभीरता और शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए इलाज भी बेहद व्यक्तिगत होता है। इसमें डॉक्टर धड़कन को सामान्य करने वाली दवाएं या स्ट्रोक के खतरे को टालने के लिए खून पतला करने की मेडिसिन दे सकते हैं। कई बार स्थिति के अनुसार कार्डियोवर्जन या कैथेटर एब्लेशन जैसी प्रक्रियाओं की मदद भी ली जाती है। ध्यान रखें, सही इलाज क्या होगा, इसका अंतिम फैसला केवल एक अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट ही ले सकते हैं।

क्या लाइफस्टाइल में बदलाव से मदद मिल सकती है?

  • ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को नियंत्रित रखें।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि करें।
  • वजन संतुलित रखें।
  • धूम्रपान से बचें।
  • शराब का सेवन सीमित करें।
  • पर्याप्त नींद लें और यदि स्लीप एपनिया है तो उसका इलाज कराएं।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित फॉलो-अप कराएं।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर आपको बार-बार दिल की धड़कन अनियमित महसूस हो रही है, अचानक बहुत तेज धड़कन हो रही है, सांस फूल रही है, चक्कर आ रहे हैं या बेहोशी जैसा महसूस हो रहा है, तो जांच कराने में देर न करें। यदि सीने में तेज दर्द, सांस लेने में गंभीर दिक्कत, अचानक शरीर के एक हिस्से में कमजोरी, बोलने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण हों, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें क्योंकि ये स्ट्रोक या दिल की गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।