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NIH से जानिए Reticulocyte Count Test क्या है, यह शरीर में नया खून बनने की रफ्तार कैसे बताता है

Reticulocyte Count Test: रेटिकुलोसाइट काउंट टेस्ट क्या होता है? NIH, Cleveland Clinic और MedlinePlus के अनुसार जानिए यह टेस्ट शरीर में नया खून बनने की रफ्तार, एनीमिया और बोन मैरो की कार्यक्षमता के बारे में क्या बताता है।
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भारत

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Dimple Yadav

Jun 26, 2026

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Reticulocyte Count Test: RCT एक तरह का ब्लड टेस्ट है। (प्रतीकात्मक फोटो सोर्स: Freepik)

Reticulocyte Count Test: अगर आपको लंबे समय से कमजोरी महसूस हो रही है, बार-बार चक्कर आते हैं या डॉक्टर ने एनीमिया (खून की कमी) की आशंका जताई है, तो सिर्फ हीमोग्लोबिन की जांच ही नहीं, बल्कि रेटिकुलोसाइट काउंट टेस्ट भी कराने की सलाह दी जा सकती है। कई लोग इस टेस्ट का नाम पहली बार सुनते हैं और समझ नहीं पाते कि इसका क्या मतलब है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH), Cleveland Clinic और MedlinePlus के अनुसार, यह टेस्ट बताता है कि आपकी अस्थि मज्जा (Bone Marrow) नए लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cells) कितनी तेजी से बना रही है। यही वजह है कि डॉक्टर एनीमिया, खून बहने या कुछ रक्त संबंधी बीमारियों के कारण का पता लगाने के लिए इस जांच का सहारा लेते हैं।

रेटिकुलोसाइट काउंट टेस्ट क्या है?

रेटिकुलोसाइट्स (Reticulocytes) लाल रक्त कोशिकाओं के अपरिपक्व (Immature) रूप होते हैं। ये अस्थि मज्जा में बनते हैं और लगभग 1-2 दिन तक रक्त में रहने के बाद पूरी तरह परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं में बदल जाते हैं। रेटिकुलोसाइट काउंट टेस्ट से यह मापा जाता है कि खून में इन अपरिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कितनी है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि शरीर नया खून सामान्य गति से बना रहा है या नहीं।

डॉक्टर यह टेस्ट कब कराने की सलाह देते हैं?

  • एनीमिया का कारण जानने के लिए
  • अचानक अधिक खून बहने के बाद
  • एनीमिया के इलाज का असर देखने के लिए
  • बोन मैरो ठीक से काम कर रहा है या नहीं, यह जांचने के लिए
  • कुछ रक्त संबंधी बीमारियों की जांच में

Reticulocyte Count Test कैसे किया जाता है?

यह एक सामान्य ब्लड टेस्ट है। हाथ की नस से थोड़ा-सा खून लिया जाता है। सैंपल को प्रयोगशाला में जांचा जाता है। आमतौर पर इसके लिए किसी विशेष तैयारी या खाली पेट रहने की जरूरत नहीं होती। हालांकि डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए।

रिपोर्ट क्या बताती है?

यदि रेटिकुलोसाइट काउंट अधिक हो तो NIH के अनुसार, इसका मतलब हो सकता है कि शरीर तेजी से नई लाल रक्त कोशिकाएं बना रहा है। ऐसा हाल में अधिक खून बहना, कुछ प्रकार की हीमोलिटिक एनीमिया (जहां लाल रक्त कोशिकाएं जल्दी नष्ट होती हैं), एनीमिया के इलाज के बाद शरीर की रिकवरी में देखा जा सकता है।

यदि रेटिकुलोसाइट काउंट कम हो

कम स्तर यह संकेत दे सकता है कि अस्थि मज्जा पर्याप्त नई लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बना रही है। इसके संभावित कारणों में शामिल हैं:

  • आयरन, विटामिन B12 या फोलेट की कमी
  • बोन मैरो से जुड़ी बीमारियां
  • किडनी की कुछ समस्याएं
  • कुछ गंभीर या लंबे समय तक रहने वाली बीमारियां

हालांकि केवल इस टेस्ट के आधार पर बीमारी की पुष्टि नहीं की जाती। डॉक्टर अन्य ब्लड टेस्ट और मरीज के लक्षणों को भी ध्यान में रखते हैं।

क्या यह टेस्ट एनीमिया की पुष्टि करता है?

Cleveland Clinic के अनुसार, रेटिकुलोसाइट काउंट टेस्ट अकेले एनीमिया की पुष्टि नहीं करता, बल्कि यह बताता है कि एनीमिया होने पर शरीर उसकी भरपाई के लिए नया खून कितनी तेजी से बना रहा है। इसलिए इसे अक्सर Complete Blood Count (CBC), हीमोग्लोबिन और अन्य रक्त जांच के साथ किया जाता है।

क्या इस टेस्ट में कोई जोखिम है?

यह एक सामान्य ब्लड टेस्ट है और इसमें जोखिम बहुत कम होता है। खून लेने वाली जगह पर हल्का दर्द, सूजन या नीला निशान पड़ सकता है, जो आमतौर पर कुछ समय में ठीक हो जाता है।

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

यदि आपको लगातार कमजोरी महसूस हो, चक्कर आते हों, सांस फूलती हो, त्वचा पीली दिखाई दे, या आपकी ब्लड रिपोर्ट में एनीमिया के संकेत हों, तो डॉक्टर रेटिकुलोसाइट काउंट टेस्ट सहित अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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