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Labial Fusion: लेबियल फ्यूजन क्या है? छोटी बच्चियों में होने वाली इस समस्या को अक्सर पहचान नहीं पाते माता-पिता, NHS रिसर्च से जानिए

Labial Fusion Cause: छोटी बच्चियों के प्राइवेट पार्ट की त्वचा का आपस में चिपकना क्या है? एनएचएस (NHS) से जानिए लेबियल फ्यूजन के लक्षण, इसके पीछे की वजह।
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भारत

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Nidhi Yadav

Jul 01, 2026

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छोटी बच्चियों के प्राइवेट पार्ट की त्वचा का आपस में चिपकना लेबियल फ्यूजन है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- gemini)

Labial Fusion Symptoms: छोटे बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता हमेशा फिक्रमंद रहते हैं, लेकिन कई बार कुछ ऐसी समस्याएं होती हैं जिन पर आसानी से नजर नहीं जाती। ऐसी ही एक समस्या है लेबियल फ्यूजन (Labial Fusion), जिसे लेबियल एडहेसन (Labial Adhesions) भी कहा जाता है। यह नवजात बच्चियों और 3 महीने से लेकर 6 साल तक की छोटी बच्चियों में देखने को मिलती है।

एनएचएस (NHS) और क्लीवलैंड क्लिनिक की मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कोई बहुत गंभीर या जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन सही जानकारी न होने के कारण माता-पिता इसे देखकर अक्सर बुरी तरह घबरा जाते हैं। आइए समझते हैं कि यह समस्या क्या है और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।

क्या होता है लेबियल फ्यूजन?

बच्चियों के प्राइवेट पार्ट (Vagina) के बाहरी हिस्से के दोनों तरफ जो नाजुक त्वचा की परतें होती हैं, जिन्हें लेबिया माइनोरा (Labia Minora) कहा जाता है, वे आपस में जुड़ने या चिपकने लगती हैं। कई बार यह हिस्सा थोड़ा सा चिपकता है और कई बार यह पूरी तरह आपस में जुड़ जाता है, जिससे योनि का रास्ता बंद जैसा दिखने लगता है। हालांकि, इससे पेशाब का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक नहीं होता, वहां से यूरिन पास होने के लिए एक छोटा सा छेद या गैप बचा रहता है।

यह समस्या क्यों होती है?

1. एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी- जन्म के बाद छोटी बच्चियों के शरीर में एस्ट्रोजन (Estrogen) नाम के हार्मोन का लेवल काफी कम होता है। इस हार्मोन की कमी के कारण वहां की त्वचा बेहद नाजुक और संवेदनशील हो जाती है, जिससे उसके आपस में चिपकने की संभावना बढ़ जाती है।

2. हल्की सूजन या जलन (Irritation)- डायपर की वजह से होने वाले रैशेज, गीलेपन, साबुन या खुशबूदार वाइप्स के इस्तेमाल से उस हिस्से में हल्की सूजन आ जाती है। जब यह सूजी हुई त्वचा धीरे-धीरे ठीक होने लगती है, तो दोनों तरफ की परतें आपस में जुड़ जाती हैं।

कैसे पहचानें इसके लक्षण?

  • प्राइवेट पार्ट की दोनों बाहरी त्वचा की परतों का आपस में सटा हुआ दिखना।
  • पेशाब करते समय बच्ची का रोना या चिड़चिड़ा होना।
  • पेशाब की धार का सीधा न जाकर किसी अलग एंगल या दिशा में जाना।
  • बूंद-बूंद करके यूरिन का टपकना।

क्या इसके लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती है?

क्लीवलैंड क्लिनिक और NHS की रिपोर्ट यह साफ करती है कि इसके लिए घबराने या तुरंत किसी ऑपरेशन की जरूरत बिल्कुल नहीं होती। जैसे-जैसे बच्ची बड़ी होती है और उसके शरीर में स्वाभाविक रूप से एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ता है (आमतौर पर 10 से 12 साल की उम्र के आसपास, जब प्यूबर्टी शुरू होती है), यह समस्या अपने आप बिना किसी इलाज के ठीक हो जाती है। अगर बच्ची को पेशाब करने में दिक्कत आ रही हो या बार-बार यूरिन इन्फेक्शन (UTI) हो रहा हो, तो डॉक्टर एस्ट्रोजन क्रीम लगाने की सलाह देते हैं।

माता-पिता इन बातों का ख्याल रखें

  • जुड़े हुए हिस्से को कभी भी दबाकर अलग करने की कोशिश न करें।
  • बच्ची के प्राइवेट पार्ट को साफ करने के लिए केमिकल वाले या खुशबूदार साबुन और वाइप्स का इस्तेमाल बंद करें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।