1 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Pulse Pressure: सिर्फ BP नहीं, Pulse Pressure भी बताता है दिमाग और दिल की सेहत! University of Cambridge की रिसर्च में हुआ खुलासा

Pulse Pressure क्या होता है? Cleveland Clinic और NCBI के अनुसार जानिए BP की इस अहम रीडिंग का मतलब, सामान्य स्तर और यह दिल व दिमाग की सेहत से कैसे जुड़ी है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Dimple Yadav

Jul 01, 2026

Pulse Pressure Meaning Blood Pressure High Pulse Pressure Pulse Pressure Normal Range

ब्लड प्रेशर मशीन के साथ Pulse Pressure को दर्शाता सांकेतिक चित्र (photo- freepik)

Pulse Pressure: आपने ब्लड प्रेशर (BP) की जांच तो कई बार कराई होगी। रिपोर्ट में ऊपर एक संख्या होती है और नीचे दूसरी। ज्यादातर लोग बस यह देखते हैं कि BP सामान्य है या नहीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों संख्याओं के बीच का अंतर भी आपकी सेहत के बारे में अहम जानकारी देता है? इसे Pulse Pressure कहा जाता है।

हाल के वर्षों में Neurology Journal और University of Cambridge के शोधों ने इस बात पर ध्यान दिलाया है कि Pulse Pressure सिर्फ दिल की सेहत ही नहीं, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ दिमाग की कार्यक्षमता से भी जुड़ा हो सकता है।

आखिर Pulse Pressure क्या होता है?

जब डॉक्टर आपका BP मापते हैं, तो दो रीडिंग आती हैं। पहली होती है सिस्टोलिक (ऊपरी) और दूसरी डायस्टोलिक (निचली)। इन दोनों के बीच का अंतर ही Pulse Pressure कहलाता है। उदाहरण के लिए, अगर आपका BP 120/80 mmHg है, तो Pulse Pressure 40 mmHg होगा। विशेषज्ञ इसे सामान्य सीमा मानते हैं।

Pulse Pressure बढ़ने का क्या मतलब हो सकता है?

Michigan State University के विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, कुछ लोगों की धमनियां (Arteries) पहले जैसी लचीली नहीं रहतीं। जब धमनियां सख्त होने लगती हैं, तो Pulse Pressure बढ़ सकता है। यह अकेले किसी बीमारी की पुष्टि नहीं करता, लेकिन यह इस बात का संकेत हो सकता है कि दिल और रक्त वाहिकाओं की सेहत की जांच पर ध्यान देने की जरूरत है।

रिसर्च में क्या सामने आया?

Neurology Journal में प्रकाशित एक अध्ययन में लगभग 9,000 लोगों के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों का Pulse Pressure ज्यादा था, उनमें भविष्य में डिमेंशिया (याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता कम होने की बीमारी) से जुड़ा जोखिम अधिक देखा गया।

वहीं, University of Cambridge के शोधकर्ताओं ने 2025 में प्रकाशित अपने अध्ययन में बताया कि लंबे समय तक हाई BP और बढ़ा हुआ Pulse Pressure मस्तिष्क के White Matter को प्रभावित कर सकता है। इससे दिमाग की सूचना प्रोसेस करने की गति धीमी पड़ सकती है और समय के साथ याददाश्त पर असर पड़ सकता है।

क्या Pulse Pressure सिर्फ दिमाग से जुड़ा है?

बढ़ा हुआ Pulse Pressure कई बार धमनियों के सख्त होने (Arterial Stiffness) का संकेत भी हो सकता है। यही वजह है कि इसे हृदय स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। हालांकि, सिर्फ Pulse Pressure देखकर किसी बीमारी का निदान नहीं किया जाता। डॉक्टर पूरी मेडिकल हिस्ट्री और अन्य जांचों को साथ में देखते हैं।

Pulse Pressure को कैसे संतुलित रखें?

  • नमक का सेवन सीमित रखें।
  • रोज कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या व्यायाम करें।
  • फल, सब्जियां और फाइबर से भरपूर भोजन लें।
  • धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचें।
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार BP की दवा नियमित लें।
  • 40 वर्ष की उम्र के बाद या यदि हाई BP है, तो नियमित ब्लड प्रेशर जांच कराते रहें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

बड़ी खबरें

View All

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल