Heatwave Health Risk: IMD की चेतावनी के बीच जानें कैसे तेज गर्मी दिल, दिमाग और किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है और इस मौसम में खुद को कैसे सुरक्षित रखें।
Heat Stroke Symptoms: दिल्ली समेत कई शहरों में तेज गर्मी और हीटवेव का खतरा बढ़ गया है। India Meteorological Department (IMD) ने भी चेतावनी दी है कि तापमान 42-44°C तक जा सकता है। ऐसे में “लू” सिर्फ थकान नहीं देती, बल्कि शरीर के अंदर कई जरूरी अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है।
गर्मी में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करता है। इसके लिए खून को स्किन की तरफ भेजा जाता है, जिससे दिल को ज्यादा तेजी से पंप करना पड़ता है। सीनियर फिजिशियन Dr. Randeep Guleria के मुताबिक, “तेज गर्मी में दिल पर दबाव बढ़ जाता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से BP या हार्ट की दिक्कत है।” ज्यादा डिहाइड्रेशन होने पर खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है।
जब शरीर का तापमान 40°C से ऊपर चला जाता है, तो हीट स्ट्रोक का खतरा होता है। इस स्थिति में दिमाग सही से काम नहीं कर पाता। चक्कर आना, कन्फ्यूजन, सिरदर्द और बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह जानलेवा भी हो सकता है।
तेज गर्मी में पसीना ज्यादा निकलता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे किडनी पर सीधा असर पड़ता है।
डिहाइड्रेशन के कारण किडनी ठीक से टॉक्सिन्स फिल्टर नहीं कर पाती और गंभीर मामलों में किडनी फेल होने का खतरा भी हो सकता है।
गर्मी का असर सिर्फ एक अंग तक सीमित नहीं रहता। जब शरीर ठंडा नहीं हो पाता, तो अंदर सूजन (inflammation) बढ़ती है और धीरे-धीरे कई अंग प्रभावित होने लगते हैं। World Health Organization भी मानता है कि हीटवेव के दौरान क्रॉनिक बीमारियों वाले लोगों को ज्यादा खतरा होता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।