Heatwave Alert in Rajasthan and Delhi : दिल्ली और राजस्थान में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और सोमवार को इस सीजन की पहली हीटवेव दर्ज की गई, जब तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इतनी तेज गर्मी में बाहर निकलना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
IMD Yellow Alert for Heatwave : दिल्ली और राजस्थान में गर्मी ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को पारा 40.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन की पहली हीटवेव (Heatwave) मानी जा रही है। मौसम विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जो बुधवार तक रहेगा। येलो अलर्ट का मतलब होता है – सतर्क रहें।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इतनी तेज़ गर्मी में बाहर निकलना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे हल्की दिक्कतें जैसे स्किन पर चकत्ते या मांसपेशियों में खिंचाव हो सकते हैं, और अगर ध्यान न दिया जाए तो हीट स्ट्रोक जैसी जानलेवा हालत भी हो सकती है।
बुज़ुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और जिन लोगों को पहले से दिल या किडनी की बीमारी है – उन्हें सबसे ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत है।
कोटा मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर एवं फिजिशियन डॉ. पंकज जैन ने बताया कि जब शरीर की ठंडा रहने की क्षमता जवाब दे देती है, तो हीट स्ट्रोक हो सकता है। इसमें बुखार 40 डिग्री से ऊपर चला जाता है, त्वचा सूखी और गर्म हो जाती है, दिल की धड़कन तेज़ होती है, और इंसान को चक्कर, उल्टी या बेहोशी जैसी हालत हो सकती है।
डॉ. पंकज जैन ने बताया कि तेज़ गर्मी में पसीना और नमक शरीर से बाहर निकल जाता है, जिससे मांसपेशियों में ऐंठन, थकान और चक्कर आ सकते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले, तो ये हीट स्ट्रोक में बदल सकता है।
डॉक्टरों की सलाह है कि:
- खूब पानी पिएं
- दोपहर के समय बाहर न निकलें
- हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें
- धूप में सिर ढक कर रखें
- कैफीन (जैसे चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक) से बचें क्योंकि ये शरीर को और डिहाइड्रेट कर सकते हैं
अगर किसी को चक्कर या उल्टी जैसी दिक्कत हो रही हो, तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं और डॉक्टर को दिखाएं
डॉ. पंकज जैन ने बताया कि गर्मियों में न सिर्फ हीट स्ट्रोक बल्कि वायरल संक्रमण और गंदा पानी पीने से होने वाली बीमारियां भी बढ़ जाती हैं। खासकर बुज़ुर्ग और डायबिटीज के मरीजों को बहुत सतर्क रहना चाहिए।
अच्छी बात ये है कि 10 अप्रैल के बाद मौसम थोड़ा राहत दे सकता है। स्काइमेट वेदर सर्विस के मुताबिक उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से बादल छा सकते हैं और तापमान में गिरावट आ सकती है।