स्वास्थ्य

चुनावी सफर में नेताओं की हमसफर हो सकती है होम्योपैथी

चुनावी सफर में प्रत्याशियों एवं समर्थकों में अनेक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसकी वजह ज्यादा भागदौड़ और अधिक तनाव है। परेशानी बढ़ने से चुनाव में दिक्कतें भी होती हैं। होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. अनुरुद्ध वर्मा की मानें तो इसे लेकर टेंशन में न रहें। होम्योपैथी इसमें कारगर और सुरक्षित इलाज पद्धति है।
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Dec 04, 2018
homeopathy
चुनावी सफर में नेताओं की हमसफर हो सकती है होम्योपैथी

चुनाव बिगुल बजने के बाद जहां जनता में चुनावी चर्चाएं बढ़ी है तो नेताओं में चिंता। अधिकतर नेता और समर्थक तो अपने प्रत्याशियों को जिताने और सामने वाले को हराने में जुटे हैं। चुनाव में सभी प्रत्याशियों की ख्वाहिश जीतकर माननीय बनने की होती है लेकिन यह राह आसान नहीं है। चुनावी सफर में प्रत्याशियों एवं समर्थकों में अनेक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसकी वजह ज्यादा भागदौड़ और अधिक तनाव है। परेशानी बढ़ने से चुनाव में दिक्कतें भी होती हैं। होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. अनुरुद्ध वर्मा की मानें तो इसे लेकर टेंशन में न रहें। होम्योपैथी इसमें कारगर और सुरक्षित इलाज पद्धति है। चुनाव प्रचार में नेताओं के लिए भाषण अचूक हथियार होता है जिससे जनता को लुभाते हैं लेकिन जब गला बैठ जाता है तो मामला गड़बड़ाने लगता है। आत्मविश्वास घट जाता है। अगर गला बैठ जाए तो भाषण से दो घंटे पहले कोका क्यू की पांच-पांच बूंदें आधे-आधे घंटे में लेने से गला साफ हो जाएगा। आवाज अच्छी आएगी।
अधिक बोलने से स्वर यंत्र की कार्य-शक्ति में कमी या आवाज भारी होने पर ओरम ट्रिफाइलम 30 की कुछ खुराक ले सकते हैं। भाषण देते समय अटकने पर अर्जेन्ट मेट 30 और बाद में कास्टिकम 30 कारगर दवा है। चुनाव में प्रत्याशियों को जीत-हार की चिंता में चिड़चिड़ापन, घबराहट, बेचैनी एवं आत्मविश्वास की कमी होती है। इसमें अर्जेटम नाइट्रिकम 30 की खुराक परेशानी को तुरंत दूर करती है। आत्मविश्वास की कमी चिंता होने पर लाइकोपोडियम 30 लेने से समस्या दूर होती है।
जनता की समस्याओं पर कान बंद कर आराम से सोने वाले नेताओं की नींद चुनाव में गायब हो जाती है। वे चिंता में सो नहीं पाते हैं। इस कारण उनमें हाई बीपी और डायबिटीज की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए अच्छी नींद जरूरी है। नींद न आने पर काली फस 6 एक्स लाभकारी औषधि है। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। होम्योपैथी दवाइयों की आदत भी नहीं पड़ती है।
अगर चुनावी सफर में दिनभर की भागदौड़ से शरीर पस्त हो जाता है, सुस्ती और काम करने की इच्छा नहीं होती है। इस थकान से बचने के लिए जब भी प्रचार के लिए सुबह घर से निकलें तो ऐवेना सटाइवा क्यू की 30 बूंदें ले लें। थकान दूर हो जाएगी। अगर शरीर दर्द कर रहा है तो इसमें रसटॉक्स 30 एवं आर्निका 30 लाभकारी है। दर्द तुरंत गायब हो जाता है। सर्दी का मौसम है तो नेता- समर्थक पूरे कपड़े पहन कर निकलें। कोशिश करें कि हमेशा गुनगुना पानी पीएं। परेशानी से बचे रहेंगे।
दिनभर भाषण, बहस, माथा-पच्ची, चिक-चिक एवं मतदाताओं को समझाने में थकान तो आती ही है। इसके लिए एसिड फॉस 30 या फेरम फॉस 6 एक्स औषधि के प्रयोग से दिमाग तरो-ताजा हो जाएगा और आप जनता को बेहतर तरीके से अपने पक्ष में मोड़ सकेंगे। लेकिन दवाइयां होम्योपैथिक चिकित्सक की सलाह से ही लें।

Published on:
04 Dec 2018 06:30 pm