
Cancer Cells: कैंसर शब्द सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कैंसर कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि 100 से ज्यादा अलग-अलग प्रकार की बीमारियों का समूह है। शरीर के जिस हिस्से में कैंसर शुरू होता है, उसी के आधार पर उसका नाम और इलाज तय किया जाता है।
National Cancer Institute (NCI) के अनुसार, कैंसर तब शुरू होता है जब शरीर की कुछ कोशिकाएं (Cells) सामान्य नियमों का पालन करना बंद कर देती हैं। ये कोशिकाएं जरूरत से ज्यादा बढ़ने लगती हैं और समय के साथ एक गांठ (Tumor) बना सकती हैं या शरीर के दूसरे हिस्सों तक भी फैल सकती हैं।
हमारे शरीर की कोशिकाएं एक तय प्रक्रिया के अनुसार बनती, काम करती और समय आने पर खत्म हो जाती हैं। लेकिन जब किसी कोशिका के DNA में बदलाव (Mutation) हो जाता है, तो वह अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती है। NCI के अनुसार, यही अनियंत्रित वृद्धि आगे चलकर कैंसर का कारण बन सकती है। हालांकि हर DNA बदलाव कैंसर नहीं बनता। कई बार शरीर की अपनी मरम्मत प्रणाली ऐसे बदलावों को ठीक भी कर देती है।
American Cancer Society (ACS) के अनुसार, कैंसर एक नहीं बल्कि कई प्रकार के होते हैं। ये इस बात पर निर्भर करते हैं कि बीमारी शरीर के किस हिस्से से शुरू हुई है।
यह सबसे आम प्रकार का कैंसर है, जो त्वचा या शरीर के अंदरूनी अंगों की परत (Epithelial Cells) से शुरू होता है। जैसे-फेफड़े, स्तन, प्रोस्टेट और बड़ी आंत का कैंसर।
यह हड्डियों, मांसपेशियों, चर्बी, रक्त वाहिकाओं और अन्य संयोजी ऊतकों (Connective Tissues) में शुरू होता है।
यह खून बनाने वाली कोशिकाओं का कैंसर है। इसमें आमतौर पर ठोस गांठ नहीं बनती, बल्कि असामान्य रक्त कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं।
यह लसीका तंत्र (Lymphatic System) का कैंसर है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
यह प्लाज्मा कोशिकाओं (Plasma Cells) का कैंसर है, जो संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाती हैं।
हर कैंसर के लक्षण अलग हो सकते हैं, लेकिन NCI के अनुसार कुछ सामान्य संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है-
इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन अगर ये लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।