स्वास्थ्य

गर्भावस्था के दौरान हो रही दिक्कतों में ऐसे मिलता है आराम

गर्भावस्था pregnancy का समय लगभग 280 दिनों का होता है। ऐसे में समय रहते सही होम्योपैथी दवाओं homeopathy medicine के चुनाव के साथ पौष्टिक खानपान पर ध्यान देना जरूरी होता है।
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Aug 26, 2019
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गर्भावस्था के समय कई तरह की दिक्कते सामने आती है। ऐसे मेंं महिलाओं को विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। दवाओं के चुनाव के साथ पौष्टिक खानपान पर ध्यान देना जरूरी होता है।
उल्टी या जी मिचलाना:
गर्भावस्था में सुबह उठने के बाद उल्टी या जी मिचलाना प्रमुख समस्या है। गर्भधारण के पहले और दूसरे महीने में तकलीफ अधिक होती है। कुछ मामलों में पूरी गर्भावस्था के दौरान समस्या रहती है जिससे शरीर में पानी की कमी हो
जाती है।
कमर दर्द: छठे महीने से शुरू होता है। इसका कारण कमर की नस में खिंचाव, गलत तरीके से उठना, बैठना, सोना और मांसपेशियों में तनाव होता है।
कब्ज: गर्भवती की आंतों के तनाव में कमी आती है जिससे बच्चेदानी का दबाव गुदा पर पडऩे लगता है। इससे कब्ज की शिकायत रहती है।
ध्यान: खानपान संतुलित रखने के साथ डॉक्टरी सलाह पर दवा लेनी चाहिए। व्यायाम करें और पर्याप्त पानी पीएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
26 Aug 2019 01:19 pm