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बच्चे का सिर सामान्य से बड़ा दिखे तो क्या करें? क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें Macrocephaly के कारण और लक्षण

Macrocephaly Cause:बच्चे का सिर सामान्य से बड़ा क्यों दिखता है? एनसीबीआइ और मेयो क्लिनिक से जानें मैक्रोसेफली (Macrocephaly) के मुख्य कारण, गंभीर लक्षण, जांच का तरीका।
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भारत

•

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Nidhi Yadav

•

Sep 26, 2026

infant’s larger-than-average head circumference indicating macrocephaly

बच्चे का सिर सामान्य से बड़ा किस कारण से दिखता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Macrocephaly Hindi: छोटे बच्चे की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और शारीरिक विकास पर माता-पिता की पैनी नजर रहती है। जन्म के बाद डॉक्टर नियमित रूप से बच्चे का वजन, लंबाई और सिर का घेरा (Head Circumference) नापते हैं। कई बार ऐसा होता है कि माता-पिता को लगता है कि उनके बच्चे का सिर बाकी बच्चों के मुकाबले थोड़ा बड़ा दिख रहा है, या डॉक्टर जांच के दौरान बताते हैं कि सिर का आकार ग्रोथ चार्ट में औसत से ऊपर जा रहा है। मेडिकल की भाषा में बच्चे के सिर के सामान्य से काफी बड़े होने की स्थिति को मैक्रोसेफली (Macrocephaly) कहा जाता है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, हर बार सिर का बड़ा होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन इसके कारणों को समय पर समझना और डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं कि ऐसा किस कारण से होता है?

मैक्रोसेफली आखिर क्या है?

एनसीबीआइ के मुताबिक, जब किसी नवजात या छोटे बच्चे के सिर की परिधि उसकी उम्र और लिंग के सामान्य मानक (97वें परसेंटाइल) से अधिक हो जाती है, तो उसे मैक्रोसेफली कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि बच्चे का सिर उसी उम्र के लगभग 97 प्रतिशत बच्चों के सिर से बड़ा है। यह कोई अकेली बीमारी नहीं है, बल्कि एक शारीरिक लक्षण है जो कई अलग-अलग वजहों से सामने आ सकता है।

बच्चे का सिर बड़ा होने के मुख्य कारण

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, मैक्रोसेफली के पीछे कई तरह के कारण हो सकते हैं;

  • पारिवारिक या आनुवंशिक प्रभाव (Benign Familial Macrocephaly)- कई मामलों में यह पूरी तरह सामान्य होता है। अगर माता-पिता या परिवार में किसी का सिर स्वाभाविक रूप से थोड़ा बड़ा है, तो बच्चे को भी यह संरचना विरासत में मिल सकती है। ऐसे बच्चों का दिमाग बिल्कुल स्वस्थ होता है और उनका विकास सामान्य गति से चलता है।
  • दिमाग में पानी या तरल का जमा होना (Hydrocephalus)- दिमाग और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर एक सुरक्षात्मक तरल होता है जिसे सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (CSF) कहते हैं। यदि यह तरल सामान्य रूप से बहने या सोखने के बजाय खोपड़ी के अंदर जमा होने लगे, तो सिर की हड्डियों पर दबाव पड़ता है और सिर का आकार तेजी से बढ़ने लगता है।
  • मस्तिष्क का असामान्य विकास (Megalencephaly)- कभी-कभी आनुवंशिक बदलावों या सिंड्रोम की वजह से मस्तिष्क के ऊतक (Brain Tissues) सामान्य से अधिक बढ़ जाते हैं।
  • ब्लीडिंग- जन्म से पहले या जन्म के तुरंत बाद दिमाग के अंदर रक्तस्राव (Bleeding) होना या मेनिनजाइटिस जैसा कोई गंभीर संक्रमण होना भी सिर में सूजन या तरल भरने का कारण बन सकता है।

किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए?

  • सिर के ऊपर का कोमल हिस्सा (Fontanelle) फूला हुआ या बहुत तना हुआ दिखना।
  • सिर की नसें बाहर उभरी हुई और साफ दिखाई देना।
  • बच्चे का लगातार रोना, चिड़चिड़ा रहना और शांत न होना।
  • बार-बार उल्टी होना।
  • आंखों की पुतलियां नीचे की तरफ झुकी रहना ।
  • विकास के पड़ावों में देरी होना।
  • बच्चे को सुस्ती रहना, बहुत ज्यादा सोना या दौरे (Seizures) पड़ना।

माता-पिता क्या करें और जांच कैसे होती है?

अगर आपको बच्चे का सिर असामान्य लगे, तो सबसे पहले अपने पीडियाट्रिशियन (शिशु रोग विशेषज्ञ) से मिलें। डॉक्टर सबसे पहले एक लचीले फीते से बच्चे के सिर का सही नाप लेते हैं और पिछले रिकॉर्ड से उसका मिलान करते हैं। अगर सिर बहुत तेजी से बढ़ रहा है, तो डॉक्टर अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन (CT Scan) या एमआरआई (MRI) कराने की सलाह दे सकते हैं, ताकि खोपड़ी के अंदरूनी हिस्से, दिमाग और तरल की स्थिति साफ देखी जा सके।

इसका इलाज किस तरह किया जाता है?

मैक्रोसेफली का इलाज पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि सिर बड़ा होने की असली वजह क्या है। अगर कारण पारिवारिक है, तो किसी भी दवा या इलाज की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर बस समय-समय पर बच्चे के विकास पर नजर रखते हैं। हाइड्रोसिफैलस (पानी भरना) है तो न्यूरोसर्जन खोपड़ी में बने अतिरिक्त तरल को बाहर निकालने के लिए एक पतली ट्यूब डालते हैं, जिसे शंट (Shunt) कहा जाता है। यह ट्यूब अतिरिक्त पानी को पेट के हिस्से में सुरक्षित रूप से बहा देती है, जिससे दिमाग पर दबाव घट जाता है। यदि बच्चे को शारीरिक गतिविधियों या बोलने में थोड़ी देरी हो रही है, तो फिजिकल थेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी से बच्चे को सामान्य जीवन जीने में पूरी मदद मिलती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।