स्वास्थ्य

डिवाइस पहनते ही पता चलेगी बीमारी, हर समय होगी हेल्थ मॉनिटरिंग, IIT जोधपुर की नई टेक्नोलॉजी!

IIT Jodhpur Health Technology: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी Jodhpur के वैज्ञानिक ऐसे स्मार्ट wearable sensors बना रहे हैं, जो शरीर की हर गतिविधि को ट्रैक कर बीमारी का जल्दी पता लगा सकते हैं। जानिए कैसे बदलेगा हेल्थ का भविष्य।
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Updated: 20 Mar 2026, 4:02 PM IST
IIT Jodhpur Health Technology
IIT Jodhpur Health Technology (Photo- gemini ai)

IIT Jodhpur Health Technology: राजस्थान में Indian Institute of Technology Jodhpur के वैज्ञानिक एक ऐसी नई टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, जो भविष्य में हमारी हेल्थ मॉनिटरिंग का तरीका पूरी तरह बदल सकती है। यहां HESTECH लैब में Dr Akshay Moudgil की टीम ऐसे फ्लेक्सिबल (लचीले) सेमीकंडक्टर डिवाइस बना रही है, जिन्हें पहनकर शरीर की जानकारी लगातार ली जा सकेगी।

क्या है ये नई टेक्नोलॉजी?

ये छोटे-छोटे wearable sensors होंगे, जिन्हें आप स्किन पर आसानी से पहन सकेंगे। ये डिवाइस शरीर के कई जरूरी संकेत जैसे हार्ट रेट, मसल एक्टिविटी, बॉडी टेम्परेचर और स्किन प्रेशर को लगातार ट्रैक करेंगे। सबसे अच्छी बात ये है कि ये आरामदायक होंगे और लंबे समय तक पहनने में कोई परेशानी नहीं होगी।

क्यों जरूरी है लगातार मॉनिटरिंग

आजकल कई बीमारियां देर से पकड़ में आती हैं, क्योंकि हम रोजाना अपने शरीर की जांच नहीं कर पाते। Dr Akshay Moudgil के अनुसार, अगर शरीर की लगातार निगरानी हो, तो बीमारी को शुरुआती स्टेज में ही पकड़ा जा सकता है और समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है।

कैसे काम करती है ये डिवाइस

इस टेक्नोलॉजी में एक खास तरह का सेमीकंडक्टर इस्तेमाल हो रहा है, जिसे Organic Electrochemical Transistor (OECT) कहा जाता है। ये पारंपरिक हार्ड डिवाइस की तरह सख्त नहीं होता, बल्कि लचीला होता है और शरीर के साथ आसानी से फिट हो जाता है। यह एक ही समय में शरीर के इलेक्ट्रिकल सिग्नल और केमिकल बदलाव दोनों को पकड़ सकता है।

बीमारी पकड़ने में मिलेगी मदद

इन डिवाइस की मदद से लार, खून या सीरम में मौजूद खास बायोमार्कर को भी ट्रैक किया जा सकेगा। यानी भविष्य में छोटी-सी डिवाइस से ही कई बीमारियों का जल्दी पता लगाया जा सकेगा, वो भी बिना बड़े टेस्ट के।

गांव और छोटे शहरों में भी फायदा

यह टेक्नोलॉजी खासकर ग्रामीण इलाकों के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है। इसे हेल्थ कैंप, मोबाइल क्लिनिक या छोटे अस्पतालों में इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां बड़ी मशीनें उपलब्ध नहीं होतीं।

सेना और कठिन जगहों पर भी उपयोग

ये डिवाइस सिर्फ आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि सेना के जवानों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। इसे यूनिफॉर्म में लगाकर शरीर की थकान, डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रेस जैसी चीजों को रियल टाइम में मॉनिटर किया जा सकता है।

भविष्य की हेल्थ टेक्नोलॉजी

सीधे शब्दों में कहें तो ये टेक्नोलॉजी आने वाले समय में हेल्थ केयर को आसान, सस्ता और ज्यादा स्मार्ट बना सकती है। अब डॉक्टर के पास जाने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि आपकी हेल्थ की जानकारी खुद-ब-खुद लगातार मिलती रहेगी।र नहीं करना पड़ेगा, बल्कि आपकी हेल्थ की जानकारी खुद-ब-खुद लगातार मिलती रहेगी।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
20 Mar 2026, 4:02 PM IST
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