Memory Focus Improve Naturally: नाक से धीरे सांस लेने से याददाश्त, फोकस और तनाव कंट्रोल बेहतर होता है। जानिए दिमाग तेज करने का आसान वैज्ञानिक तरीका।
Memory Focus Improve Naturally: जब भी हम दिमाग तेज करने की बात करते हैं, तो सबसे पहले दिमाग में पजल, ब्रेन गेम्स, सप्लीमेंट्स या प्रोडक्टिविटी हैक्स आते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि दिमाग की सेहत सुधारने का सबसे तेज और आसान तरीका हमारी सांस लेने की आदत से जुड़ा है। हैरानी की बात यह है कि हम दिन में करीब 20 हजार बार सांस लेते हैं, लेकिन शायद ही कभी इस पर ध्यान देते हैं कि हम सांस कैसे ले रहे हैं।
अब न्यूरोसाइंस (दिमाग से जुड़ा विज्ञान) की नई रिसर्च बताती है कि नाक से धीरे-धीरे और लय में सांस लेना याददाश्त, ध्यान और भावनाओं पर कंट्रोल को बेहतर बनाता है। वहीं, मुंह से सांस लेना दिमाग की काम करने की क्षमता को धीमा कर सकता है।
नाक से सांस लेने पर नाक के अंदर मौजूद खास रिसेप्टर्स एक्टिव होते हैं। ये रिसेप्टर्स दिमाग के अहम हिस्सों जैसे हिप्पोकैम्पस (याददाश्त) और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (फोकस और फैसले लेने की क्षमता) के साथ तालमेल बनाते हैं। आसान शब्दों में कहें तो नाक से सांस लेना दिमाग के लिए मीटरॉनॉम की तरह काम करता है, जो उसकी रफ्तार और लय को सही रखता है।
रिसर्च में साफ सामने आया है कि नाक से सांस लेने का सीधा असर दिमाग पर पड़ता है। 2016 में Journal of Neuroscience में छपी स्टडी के मुताबिक, नाक से सांस लेने पर दिमाग के वो हिस्से ज्यादा एक्टिव होते हैं जो सीखने और याद रखने से जुड़े हैं। 2018 की एक स्टडी बताती है कि नाक से सांस लेने पर ध्यान और रिएक्शन टाइम बेहतर होता है, जबकि मुंह से सांस लेने पर ऐसा नहीं होता। नाक से धीमी सांस लेने से वागस नर्व एक्टिव होती है, जो दिमाग को शांत रखने और भावनाओं को कंट्रोल करने में मदद करती है।
अगर आप पढ़ाई, ऑफिस या किसी जरूरी काम से पहले दिमाग को शांत और फोकस्ड बनाना चाहते हैं, तो दिन में 1–2 बार ये करें। नाक से 4 सेकंड में सांस लें। नाक से ही 6 सेकंड में सांस छोड़ें। ऐसा 2-3 मिनट तक करें। कोई ऐप नहीं, कोई दवा नहीं- बस सही सांस।