Isabgol Benefits: क्या आप जानते हैं कि जिस ईसबगोल (Isabgol) को हम सिर्फ पेट साफ करने की दवा समझते हैं, उसे दुनिया 'सुपरफूड' कहती है? भारत इसे टनों के हिसाब से बाहर भेजता है। डॉक्टर राजीव (कार्डियोपल्मोनरी फिजिकल थेरेपिस्ट) का कहना है कि मैंने खुद इसे अपनी लाइफ में शामिल किया है और इसके रिजल्ट चौंकाने वाले हैं।
Isabgol Benefits: हम लोग भी कितने अजीब हैं न? घर की मुर्गी दाल बराबर! ईसबगोल को हम तब याद करते हैं जब पेट में गड़बड़ हो, जबकि विदेशों में इसे सप्लीमेंट की तरह खाते हैं। डॉक्टर राजीव (कार्डियोपल्मोनरी फिजिकल थेरेपिस्ट) के अनुसार सच तो यह है कि ईसबगोल (Psyllium Husk) आपकी बॉडी के लिए एक जादुई फिल्टर की तरह है। मेरी फैमिली हिस्ट्री में डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल और बीपी तीनों हैं, इसलिए मैं पिछले 2 महीनों से इसे डेली ले रहा हूं। यकीन मानिए, इसके फायदे जानकर आप भी इसे आज ही किचन में रख लेंगे।
ईसबगोल बॉडी में स्पंज की तरह काम करता है और गंदे कोलेस्ट्रॉल (LDL) को सोखकर शरीर से बाहर फ्लश कर देता है। खाना खाने के बाद जो एकदम से शुगर बढ़ जाती है, यह उसे धीमा कर देता है। शुगर वालों के लिए तो यह वरदान है। फाइबर ज्यादा होने की वजह से यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफी मदद करता है।
खाना खाने से 20 मिनट पहले का समय सबसे बढ़िया है। शुरू में बस 1 छोटा चम्मच (teaspoon) लें, बाद में बढ़ाकर बड़ा चम्मच कर सकते हैं। ईसबगोल लेने के साथ कम से कम 2 गिलास (500ml) पानी जरूर पिएं। अगर पानी कम पिया, तो यह फायदे की जगह कब्ज कर देगा।
मेरे परिवार में डायबिटीज और बीपी की समस्या रही है, मैं पिछले 2 महीनों से डेली ईसबगोल ले रहा हूं। यह न केवल आपके डाइजेशन को स्मूथ करता है, बल्कि आपको दिन भर हल्का और ऊर्जावान महसूस कराता है। यह एक प्राकृतिक कवच की तरह है जो आपकी लाइफस्टाइल को अंदर से क्लीन करता है।
बाजार में ईसबगोल के कई पैकेट मिलते हैं, लेकिन हमेशा वह चुनें जो 100% नेचुरल हो और जिसमें कोई आर्टिफिशियल फ्लेवर न हो। बिना चीनी या स्वीटनर वाला ईसबगोल बहुत फायदेमंद है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पद्धति से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।