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Blood Donation: रक्तदान कितने तरह का होता है? कौन कर सकता है? जानिए Mayo Clinic और WHO की गाइडलाइंस

Blood Donation Types: रक्तदान कितने तरह का होता है और एफेरेसिस (Apheresis) प्रक्रिया क्या है? जानिए मेयो क्लिनिक और WHO की गाइडलाइंस कि कौन खून दे सकता है और कौन नहीं।

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भारत

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Nidhi Yadav

Jun 10, 2026

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रक्तदान कितने तरह का होता है? -प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Blood Donation: दुनिया में लाखों लोगों को एक्सीडेंट, ऑपरेशन या बीमारियों के इलाज के लिए खून की जरूरत पड़ती है। खून का कोई दूसरा विकल्प या फैक्ट्री नहीं होती, इसे सिर्फ एक इंसान ही दूसरे इंसान को दे सकता है। इसलिए आपका एक बार का रक्तदान किसी की जान बचा सकता है। लेकिन अब सवाल ये है कि रक्तदान कितने प्रकार होता है? कौन रक्तदान कर सकता है और कौन नहीं इसके अलावा रतक्दान से पहले की तैयारी इन सभी सवालों के जवाब जानिए मेयो क्लिनिक और WHO की गाइडलाइंस से।

रक्तदान कितने तरह का होता है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, खून अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से दिया जाता है;

1. पूरा खून देना (Whole Blood Donation)- यह सबसे आम तरीका है। इसमें आपके शरीर से सीधे लगभग आधा लीटर पूरा खून लिया जाता है। इसे या तो सीधे मरीज को चढ़ाते हैं या लैब में इसके अलग-अलग हिस्से करके मरीजों को दिए जाते हैं।

2. एफेरेसिस ब्लड डोनेशन- एफेरेसिस (Apheresis) असल में रक्तदान करने का एक खास तरीका है। इसमें आपके शरीर से पूरा खून नहीं लिया जाता, बल्कि खून का सिर्फ वही हिस्सा निकाला जाता है जिसकी मरीज को जरूरत होती है। इसमें निम्न प्रकार शामिल हैं;

  • सिर्फ प्लेटलेट्स देना (Platelet Donation)- इसमें एक मशीन के जरिए आपके खून से सिर्फ प्लेटलेट्स (जो ब्लीडिंग रोकने और थक्का जमाने का काम करते हैं) निकाल लिए जाते हैं और बाकी का खून वापस आपके शरीर में डाल दिया जाता है। यह कैंसर के मरीजों या बड़े ऑपरेशन वालों के काम आता है।
  • डबल रेड सेल डोनेशन- इसमें मशीन से सिर्फ लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cells) ली जाती हैं, वो भी आम डोनेशन से दोगुनी मात्रा में। बाकी खून वापस शरीर में चला जाता है। यह भयंकर खून की कमी (एनीमिया) या एक्सीडेंट वाले मरीजों को दिया जाता है।
  • प्लाज्मा देना (Plasma Donation)- इसमें खून का पानी जैसा लिक्विड हिस्सा (प्लाज्मा) निकाला जाता है, जिसमें बीमारियों से लड़ने की ताकत होती है। यह गंभीर रूप से जले हुए लोगों या बड़ी चोट वाले मरीजों के काम आता है।

कौन कर सकता है रक्तदान?

अगर आप खून देना चाहते हैं, तो आप पूरी तरह फिट हों। उस दिन आपको सर्दी, खांसी, बुखार या पेट खराब जैसी कोई दिक्कत न हो। आपकी उम्र कम से कम 16 या 17 साल होनी चाहिए। आपका वजन कम से कम 50 किलो होना चाहिए। खून देने से पहले डॉक्टर आपका टेस्ट करेंगे और सेहत से जुड़े कुछ सवाल पूछेंगे, उसमें पास होना जरूरी है।

कौन लोग ब्लड डोनेट नहीं कर सकते?

WHO के अनुसार, आपको निम्न स्थिति में रक्तदान से बचना चाहिए;

  • पिछले 3 महीनों में बिना डॉक्टर की सलाह के कोई सुई वाला नशा या स्टेरॉयड लिया हो।
  • पिछले 3 महीनों में किसी नए पार्टनर या एक से ज्यादा लोगों के साथ असुरक्षित संबंध बनाए हों।
  • जो एचआईवी (HIV) पॉजिटिव हों।
  • जो पिछले 3 महीनों में हेपेटाइटिस बी या सी के मरीज के करीबी संपर्क में रहे हों।
  • स्तनपान करने वाली माता और प्रेगनेंसी से दौरान रक्तदान से बचना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।