
Abhijit Dipke अभिजीत दीपके ( फोटो- Abhijeet Dipke एक्स पोस्ट) and chatgpt
Jantar Mantar Protest: मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का विरोध प्रदर्शन इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इसी बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि बीमारी के बावजूद उनका आंदोलन नहीं रुकेगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।ऐसे में आइए WHO और NHS के मुताबिक जानते हैं कि टाइफाइड क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, टाइफाइड एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो Salmonella Typhi नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बीमारी आमतौर पर दूषित पानी या संक्रमित भोजन के जरिए फैलती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकती है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के मुताबिक, टाइफाइड का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। लेकिन इलाज में देरी होने पर आंतों में गंभीर संक्रमण और अन्य जटिलताएं हो सकती हैं।
WHO, NHS (यूके) और Cleveland Clinic के अनुसार टाइफाइड के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं
अगर बुखार कई दिनों तक बना रहे और लगातार कमजोरी महसूस हो, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
रिसर्च के अनुसार, जहां साफ पानी और स्वच्छता की कमी होती है, वहां टाइफाइड का खतरा ज्यादा रहता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है।
WHO और NHS के अनुसार टाइफाइड से बचाव के लिए कुछ आसान सावधानियां अपनाई जा सकती हैं-
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि हर साल दुनिया में लाखों लोग टाइफाइड से संक्रमित होते हैं। अच्छी स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, समय पर जांच और सही इलाज से इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है। वहीं Cleveland Clinic और NHS भी सलाह देते हैं कि लंबे समय तक बुखार को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज न करें। अगर बुखार 3–5 दिन से अधिक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
25 Jul 2026 11:58 am
Published on:
25 Jul 2026 11:58 am
