
सिगरेट पीता हुआ व्यक्ति- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Smoking Side Effects: सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है, यह लगभग हर कोई जानता है। टीवी पर आने वाली फिल्मों और वेब सीरीज में भी तंबाकू सेवन को लेकर चेतावनी दिखाई जाती है। इसके बावजूद निकोटीन की लत ऐसी होती है कि कई लोग चाहकर भी स्मोकिंग नहीं छोड़ पाते। लेकिन टीवी होस्ट और अभिनेता रघु राम ने इस लत को हराकर एक मिसाल पेश की है।
हाल ही में रघु राम ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्हें सिगरेट छोड़े पूरे 10 साल हो चुके हैं। खास बात यह है कि वह सामान्य स्मोकर नहीं थे। वह रोजाना 20 से 40 सिगरेट तक पीते थे। यानी एक तरह से चेन स्मोकर थे। कई बार कोशिश करने के बावजूद वह सिगरेट नहीं छोड़ पा रहे थे, लेकिन एक फैसला उनकी जिंदगी बदल गया।
सिगरेट में मौजूद निकोटीन एक बेहद नशे वाली चीज है। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक स्मोकिंग करता है तो उसका दिमाग निकोटीन का आदी हो जाता है। ऐसे में सिगरेट छोड़ने पर चिड़चिड़ापन, बेचैनी, तनाव, नींद की समस्या और बार-बार सिगरेट पीने की इच्छा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, निकोटीन की लत छोड़ना आसान नहीं होता और कई लोगों को सफल होने से पहले कई बार प्रयास करना पड़ता है।
रघु राम ने अपने पॉडकास्ट में बताया कि कई बार कोशिश करने के बावजूद वह सिगरेट नहीं छोड़ पाए थे। लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा पल आया जिसने उन्हें हमेशा के लिए स्मोकिंग छोड़ने के लिए प्रेरित कर दिया। उन्होंने बताया कि अपनी पहली डेट पर जब वह कनाडाई सिंगर नताली डी लुसियो से मिलने गए, तो सिगरेट की गंध के कारण उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने फैसला किया कि अगर उन्हें अपनी जिंदगी बदलनी है तो स्मोकिंग छोड़नी होगी। उन्होंने एक दिन में ही सिगरेट छोड़ दी और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, तंबाकू हर साल दुनिया भर में 80 लाख से ज्यादा लोगों की मौत का कारण बनता है। वहीं रिसर्च बताती है कि स्मोकिंग छोड़ने के सिर्फ 20 मिनट बाद ही शरीर में सकारात्मक बदलाव शुरू हो जाते हैं। कुछ महीनों में फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होने लगती है और समय के साथ हार्ट अटैक, स्ट्रोक और फेफड़ों के कैंसर का खतरा भी कम हो सकता है।
रघु राम ने लोगों को स्मोकिंग छोड़ने के लिए एक तारीख तय करने, अपने ट्रिगर्स पहचानने, नियमित व्यायाम करने और दोस्तों व परिवार का सहयोग लेने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सही योजना, धैर्य और सपोर्ट सिस्टम के साथ निकोटीन की लत से छुटकारा पाया जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
10 Jun 2026, 3:17 PM IST
Published on:
10 Jun 2026, 3:17 PM IST
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