Joint Pain Treatment: यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो (UC) बोल्डर के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी प्रायोगिक दवा (Experimental Drug) तैयार की है, जो कुछ ही हफ्तों में इस बीमारी को न केवल रोक सकती है, बल्कि इसे पूरी तरह से रिवर्स यानी ठीक भी कर सकती है। आइए जानते हैं की क्या है ये नई तकनीक?
Joint Pain Treatment: आज के दौर में जोड़ों का दर्द एक आम समस्या बन चुका है। पहले 30 की उम्र के बाद लोगों के जोड़ों में दर्द की समस्या की शुरुआत होती थी। लेकिन अभी हालात ये हैं कि हर उम्र के लोगों में जोड़ों का दर्द सर चढ़कर बोल रहा हैं। युवाओं में भी अब जोड़ों का दर्द आम बात हो गयी है। कमर दर्द, घुटनों का दर्द या कहें की सभी जोड़ों में दर्द अब कोई नई बात नहीं है। यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो (UC) बोल्डर के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी प्रायोगिक दवा (Experimental Drug) तैयार की है जो सिर्फ कुछ ही हफ्तों में इस बीमारी को रिवर्स कर सकती है।
अब वैज्ञानिकों ने एक स्लो-रिलीज ड्रग-डिलीवरी सिस्टम बनाया है, इसमें होगा ये कि अब दवा को इंजेक्शन से सीधा जोड़ों में डाला जाएगा। यह दवाई शरीर की अपनी कार्टिलेज और हड्डी की कोशिकाओं (cells) को सक्रिय कर देती है, जिससे शरीर खुद जोड़ों की मरम्मत करने लगता है। अब तक मरीजों के पास या तो सस्ती पेन-किलर्स का विकल्प था या बहुत महंगी सर्जरी का। यह नया इंजेक्शन इन दोनों के बीच एक मजबूत रास्ता बन सकता है। जानवरों पर इसका सफल परीक्षण सिर्फ 2 साल में पूरा किया गया। उम्मीद है कि अगले 18 महीनों में इंसानों पर इसका परीक्षण (clinical trials) शुरू हो जाएगा।
जहां हमारे शरीर में दो हड्डियां मिलती हैं, वहां पर एक चिकना और लचीला ऊतक होता है जिसे कार्टिलेज (Cartilage) कहते हैं। यह कार्टिलेज एक शॉक एब्जॉर्बर की तरह काम करता है, जो हड्डियों को आपस में रगड़ने से बचाता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस की स्थिति में यह कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने या टूटने लगता है, जिससे हड्डियां आपस में टकराने लगती हैं और तेज दर्द व सूजन पैदा होती है। इसके साथ ही गंभीर दर्द की भी शिकायत रहती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।