स्वास्थ्य

Kawasaki Disease: वो अनजान बीमारी जो चुपके से कर रही है बच्चों के दिल पर हमला, जानिए क्या है कावासाकी डिजीज

Kawasaki Disease: ब्रिटेन में 2 साल के बच्चे की कावासाकी डिजीज से मौत। फ्लू जैसे लक्षणों से शुरू होने वाली यह बीमारी बच्चों के दिल को कैसे नुकसान पहुंचाती है? लक्षण, कारण और इलाज जानिए।
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Jan 19, 2026
Kawasaki Disease
Kawasaki Disease (photo- freepik)

Kawasaki Disease: ब्रिटेन के ब्रिस्टल से आई यह खबर हर माता-पिता को सतर्क करने वाली है। सिर्फ 2 साल के मासूम बच्चे हडसन मार्टिन की मौत एक ऐसी दुर्लभ बीमारी से हो गई, जो शुरुआत में बिल्कुल फ्लू या वायरल बुखार जैसी लगती है। बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ी, वह घर की सीढ़ियों पर खेलते-खेलते गिर पड़ा और फिर उसकी जान नहीं बच सकी।

पहले से थी दुर्लभ बीमारी की पहचान

हडसन को महज 7 महीने की उम्र में कावासाकी डिजीज (Kawasaki Disease) नाम की बीमारी का पता चला था। उसके पिता डेमियन के मुताबिक, तस्वीरों और वीडियो में देखकर कोई नहीं कह सकता था कि बच्चा इतनी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। लेकिन हकीकत यह थी कि बीमारी धीरे-धीरे उसके शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचा रही थी।

फ्लू जैसे लक्षण, लेकिन बीमारी गंभीर

डेमियन बताते हैं कि बीमारी की शुरुआत में हडसन दिन-ब-दिन कमजोर होता जा रहा था। वह बिस्तर से उठ नहीं पा रहा था, न खेल रहा था, न ही ठीक से खा रहा था। डॉक्टर लगातार टेस्ट कर रहे थे, लेकिन स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं दिख रहा था। इलाज के बाद कुछ समय के लिए वह बेहतर लगने लगा, मगर रिपोर्ट्स लगातार खराब आती रहीं। डॉक्टरों को भी अंदेशा था कि स्थिति गंभीर है।

कावासाकी डिजीज क्या है?

कावासाकी डिजीज एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है, जो ज्यादातर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को होती है। इसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से खून की नलियों (ब्लड वेसल्स) पर हमला करने लगती है, जिससे सूजन आ जाती है। यह बीमारी खासतौर पर दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचा सकती है।

इसके आम लक्षण

शुरुआत में यह बीमारी आम वायरल बुखार जैसी लग सकती है, इसलिए अक्सर नजरअंदाज हो जाती है। इसके लक्षणों में शामिल हैं:

  • 5 दिन से ज्यादा तेज बुखार
  • आंखों का लाल होना
  • होंठ और जीभ का लाल व सूजा हुआ होना (स्ट्रॉबेरी टंग)
  • हाथ-पैरों में सूजन और लालिमा
  • उंगलियों और पैरों की त्वचा का छिलना
  • शरीर पर चकत्ते
  • गर्दन की ग्रंथियों में सूजन

क्यों होती है यह बीमारी?

इस बीमारी की सटीक वजह अभी साफ नहीं है। यह न तो छूत की बीमारी है और न ही एक से दूसरे में फैलती है। माना जाता है कि किसी वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन के बाद शरीर की इम्यून सिस्टम गड़बड़ा जाती है और खून की नलियों पर हमला करने लगती है।

खतरा किन बच्चों को ज्यादा?

  • 5 साल से कम उम्र के बच्चे
  • लड़के
  • एशियाई मूल के बच्चे

इलाज और सावधानी

समय पर इलाज मिलने से बच्चों की जान बच सकती है। इलाज में IVIG इंजेक्शन, एस्पिरिन और सूजन कम करने वाली दवाएं दी जाती हैं। देर होने पर यह बीमारी दिल का दौरा, हार्ट फेल्योर या स्थायी दिल की समस्या बन सकती है।

Updated on:
19 Jan 2026 05:25 pm
Published on:
19 Jan 2026 05:25 pm