Kerala Health Alert: गर्मी में नदी, तालाब या झील में नहाने से पहले सावधान हो जाएं। केरल में Brain-Eating Amoeba यानी Naegleria fowleri का खतरा बढ़ रहा है, जिसकी वजह से PAM नाम की घातक बीमारी हो सकती है। रिसर्च के मुताबिक इस संक्रमण में 97% तक मौत का खतरा होता है।
Brain Eating Amoeba in Hindi: गर्मी बढ़ते ही ठंडक पाने के लिए लोग अक्सर नदी, तालाब या झील में नहाने चले जाते हैं। लेकिन इस बार सावधानी बेहद जरूरी है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री Veena George ने चेतावनी दी है कि इन दिनों “ब्रेन-ईटिंग अमीबा” का खतरा बढ़ रहा है, जो बेहद जानलेवा हो सकता है।
इस खतरनाक अमीबा का नाम Naegleria fowleri है। यह गर्म और उथले मीठे पानी (जैसे नदी, तालाब, झील) में पनपता है। जब यह शरीर में प्रवेश करता है, तो एक दुर्लभ लेकिन घातक संक्रमण होता है, जिसे Primary Amoebic Meningoencephalitis कहा जाता है। रिसर्च (Centers for Disease Control and Prevention और Cleveland Clinic) के मुताबिक, इस बीमारी में मौत का खतरा 97% से भी ज्यादा होता है। यानी संक्रमित होने के बाद बचना बेहद मुश्किल हो जाता है।
यह अमीबा नाक के जरिए शरीर में जाता है। जब कोई व्यक्ति दूषित पानी में डुबकी लगाता है या नाक में पानी चला जाता है, तब यह सीधे दिमाग तक पहुंच सकता है। ध्यान रखने वाली बात ये है कि गंदा पानी पीने से यह संक्रमण नहीं होता।
संक्रमण के लक्षण बहुत तेजी से दिखते हैं, जैसे:
स्वास्थ्य मंत्री Veena George ने कहा कि राज्य में निगरानी बढ़ा दी गई है और ऐसे मरीजों की जांच भी की जा रही है जिनमें एन्सेफलाइटिस जैसे लक्षण दिखते हैं। उन्होंने लोगों से साफ कहा है कि दूषित पानी से नहाने या चेहरा धोने से बचें।
हालांकि यह बीमारी दुर्लभ है, लेकिन एक बार होने पर बेहद खतरनाक साबित होती है। इसलिए थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा बन सकती है। गर्मी में नदी-तालाब में नहाने का मजा लेने से पहले 2 बार सोच लें, क्योंकि यह छोटी सी गलती बड़ी मुसीबत बन सकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।