स्वास्थ्य

97% डेथ रेट! गर्मी में नदी-तालाब में नहाना पड़ सकता है भारी, केरल में Brain-Eating Amoeba का खतरा, हेल्थ मिनिस्टर ने जारी की गाइडलाइन

Kerala Health Alert: गर्मी में नदी, तालाब या झील में नहाने से पहले सावधान हो जाएं। केरल में Brain-Eating Amoeba यानी Naegleria fowleri का खतरा बढ़ रहा है, जिसकी वजह से PAM नाम की घातक बीमारी हो सकती है। रिसर्च के मुताबिक इस संक्रमण में 97% तक मौत का खतरा होता है।

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Apr 27, 2026
Brain Eating Amoeba in Hindi (Photo- chatgtp)

Brain Eating Amoeba in Hindi: गर्मी बढ़ते ही ठंडक पाने के लिए लोग अक्सर नदी, तालाब या झील में नहाने चले जाते हैं। लेकिन इस बार सावधानी बेहद जरूरी है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री Veena George ने चेतावनी दी है कि इन दिनों “ब्रेन-ईटिंग अमीबा” का खतरा बढ़ रहा है, जो बेहद जानलेवा हो सकता है।

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क्या है ये ‘ब्रेन-ईटिंग अमीबा’?

इस खतरनाक अमीबा का नाम Naegleria fowleri है। यह गर्म और उथले मीठे पानी (जैसे नदी, तालाब, झील) में पनपता है। जब यह शरीर में प्रवेश करता है, तो एक दुर्लभ लेकिन घातक संक्रमण होता है, जिसे Primary Amoebic Meningoencephalitis कहा जाता है। रिसर्च (Centers for Disease Control and Prevention और Cleveland Clinic) के मुताबिक, इस बीमारी में मौत का खतरा 97% से भी ज्यादा होता है। यानी संक्रमित होने के बाद बचना बेहद मुश्किल हो जाता है।

शरीर में कैसे पहुंचता है?

यह अमीबा नाक के जरिए शरीर में जाता है। जब कोई व्यक्ति दूषित पानी में डुबकी लगाता है या नाक में पानी चला जाता है, तब यह सीधे दिमाग तक पहुंच सकता है। ध्यान रखने वाली बात ये है कि गंदा पानी पीने से यह संक्रमण नहीं होता।

किन लोगों को ज्यादा खतरा?

  • जो लोग गर्मियों में नदी-तालाब में नहाते हैं
  • जिनकी इम्युनिटी कमजोर है
  • जो नाक साफ करने के लिए नल का पानी इस्तेमाल करते हैं

लक्षण क्या हैं?

संक्रमण के लक्षण बहुत तेजी से दिखते हैं, जैसे:

  • तेज बुखार
  • बहुत तेज सिरदर्द
  • उल्टी और मितली
  • गर्दन अकड़ना
  • रोशनी से परेशानी
  • मानसिक भ्रम और कोमा

केरल में क्या कहा गया?

स्वास्थ्य मंत्री Veena George ने कहा कि राज्य में निगरानी बढ़ा दी गई है और ऐसे मरीजों की जांच भी की जा रही है जिनमें एन्सेफलाइटिस जैसे लक्षण दिखते हैं। उन्होंने लोगों से साफ कहा है कि दूषित पानी से नहाने या चेहरा धोने से बचें।

कैसे करें बचाव?

  • गर्म और ठहरे हुए पानी में न नहाएं
  • अगर नहाना जरूरी हो तो नाक में पानी न जाने दें (नोज प्लग का इस्तेमाल करें)
  • नाक साफ करने के लिए सिर्फ उबला या डिस्टिल्ड पानी ही इस्तेमाल करें
  • अगर पानी इस्तेमाल करना है तो पहले उसे उबालकर ठंडा करें
  • लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को बताएं कि आप हाल ही में कहां नहाए थे

क्यों जरूरी है सावधानी?

हालांकि यह बीमारी दुर्लभ है, लेकिन एक बार होने पर बेहद खतरनाक साबित होती है। इसलिए थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा बन सकती है। गर्मी में नदी-तालाब में नहाने का मजा लेने से पहले 2 बार सोच लें, क्योंकि यह छोटी सी गलती बड़ी मुसीबत बन सकती है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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Published on:
27 Apr 2026 11:26 am
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