Young Adults Kidney Risk: आजकल 20-30 साल के युवाओं में भी किडनी से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। डॉक्टर बताते हैं कि खराब लाइफस्टाइल, पेनकिलर का ज्यादा इस्तेमाल और डिहाइड्रेशन इसके बड़े कारण हो सकते हैं। जानिए किडनी को स्वस्थ रखने के आसान तरीके।
Young Adults Kidney Risk: पहले किडनी की बीमारी को आमतौर पर बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था। लेकिन अब डॉक्टरों का कहना है कि 20 से 30 साल के युवाओं में भी किडनी से जुड़ी दिक्कतें तेजी से सामने आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि कई लोग पूरी तरह स्वस्थ दिखते हैं और उन्हें कोई खास लक्षण भी महसूस नहीं होते। अक्सर जब जांच होती है, तब तक किडनी को काफी नुकसान हो चुका होता है।
किडनी हमारे शरीर का बहुत जरूरी अंग है। शरीर में मौजूद ये दो छोटे-से अंग खून को साफ करने का काम करते हैं। किडनी शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालती है, पानी और नमक का संतुलन बनाए रखती है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करती है और हड्डियों व लाल रक्त कोशिकाओं के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। किडनी की खासियत यह है कि यह काफी समय तक बिना किसी परेशानी के काम करती रहती है। यही कारण है कि शुरुआती किडनी रोग कई सालों तक बिना किसी संकेत के बढ़ सकता है।
डॉक्टरों का मानना है कि आज की बदलती जीवनशैली युवाओं में किडनी की समस्या बढ़ाने का एक बड़ा कारण है। ज्यादा नमक वाला खाना, जंक फूड, कम पानी पीना, घंटों तक बैठे रहना, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याएं धीरे-धीरे किडनी पर असर डालती हैं। इसके अलावा दर्द की दवाइयों का बार-बार इस्तेमाल भी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। कई लोग सिरदर्द, शरीर दर्द या जिम की चोट के लिए बार-बार पेनकिलर ले लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना किडनी के लिए खतरनाक हो सकता है।
आजकल कई युवा फिट रहने के लिए हाई-प्रोटीन सप्लीमेंट, क्रैश डाइट और बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने लगते हैं। अगर इन चीजों पर सही तरीके से ध्यान न दिया जाए तो ये किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। शरीर में पानी की कमी भी किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
किडनी की बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण बहुत कम दिखाई देते हैं। आमतौर पर सूजन, ज्यादा थकान, भूख कम लगना या पेशाब में बदलाव जैसे संकेत बाद में नजर आते हैं। कई बार लोगों को इसका पता रूटीन ब्लड टेस्ट या हेल्थ चेक-अप के दौरान ही चलता है।
अगर समय रहते किडनी की समस्या का पता चल जाए तो इसे काफी हद तक रोका या धीमा किया जा सकता है। इसके लिए कुछ आसान आदतें अपनानी जरूरी हैं:
अगर आंखों या पैरों के आसपास सूजन, लगातार थकान, या पेशाब में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
अक्सर युवा उम्र में किडनी की सेहत पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। लेकिन अगर अभी से थोड़ी सावधानी बरती जाए तो आगे चलकर गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। रोजमर्रा की अच्छी आदतें ही लंबे समय तक किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। इसलिए बेहतर है कि आज से ही किडनी की सेहत का ख्याल रखा जाए।