
Heart Attack और Gas Pain के लक्षणों में अंतर (photo- freepik)
Heart Attack vs Gas Pain: क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि अचानक सीने में दर्द हुआ और आपने सोचा, शायद गैस होगी, थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा? कई लोग ऐसा ही करते हैं। लेकिन हर बार सीने का दर्द गैस नहीं होता। कुछ मामलों में यही दर्द हार्ट अटैक का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
American Heart Association (AHA) और Mayo Clinic के अनुसार, हार्ट अटैक के कई मामलों में लोग शुरुआती लक्षणों को गैस, एसिडिटी या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इससे इलाज में देरी हो सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है।आइए आसान भाषा में समझते हैं कि हार्ट अटैक और गैस के दर्द में क्या अंतर होता है।
सीने में दर्द दोनों स्थितियों में हो सकता है। यही वजह है कि कई लोग भ्रमित हो जाते हैं। लेकिन दर्द का प्रकार, उसकी जगह, उसके साथ होने वाले दूसरे लक्षण और दर्द कितनी देर तक रहता है, इन बातों से दोनों में अंतर समझा जा सकता है।
जब किसी को हार्ट अटैक आता है, तो सीने में सिर्फ दर्द ही नहीं होता, बल्कि एक अजीब सा दबाव, जकड़न या भारीपन महसूस होने लगता है। सबसे खास बात यह है कि यह दर्द अक्सर सीने तक सीमित नहीं रहता, यह धीरे-धीरे आपके बाएं हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े की तरफ फैलने लगता है। इसके साथ ही मरीज को सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है, अचानक ठंडे पसीने आने लगते हैं, मतली या उल्टी जैसा महसूस होता है और चक्कर आने के साथ शरीर में भारी कमजोरी छा जाती है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि महिलाओं, बुजुर्गों और शुगर (मधुमेह) के मरीजों में ये लक्षण थोड़े अलग हो सकते हैं, उन्हें शायद तेज दर्द न हो, बल्कि सिर्फ सांस फूलना, बहुत ज्यादा थकान, मतली या पीठ दर्द जैसी शिकायत हो सकती है।
गैस या अपच (एसिडिटी) का दर्द आमतौर पर आपके पेट या सीने के बिल्कुल निचले हिस्से में महसूस होता है। इस स्थिति में मरीज को पेट फूला हुआ लगता है, बार-बार डकारें आती हैं और पेट में गैस बनती है। कई बार ऐसा दर्द कुछ खाने-पीने के बाद अचानक बढ़ जाता है। इसकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि जैसे ही डकार आती है या गैस पास होती है, मरीज को दर्द में काफी राहत महसूस होने लगती है और इसके साथ सीने में जलन (हार्टबर्न) भी हो सकती है। हालांकि, केवल इन लक्षणों को देखकर खुद ही यह फैसला नहीं कर लेना चाहिए कि यह सिर्फ गैस का ही दर्द है और हार्ट अटैक की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
| लक्षण / स्थिति | हार्ट अटैक | गैस का दर्द |
| दर्द का अहसास | सीने में असहनीय दबाव, जकड़न या भारीपन। | पेट या सीने के निचले हिस्से में जलन या मरोड़। |
| दर्द का फैलना | दर्द हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ तक जाने लगता है। | दर्द आमतौर पर एक ही जगह (पेट या छाती के नीचे) रहता है। |
| अन्य संकेत | सांस फूलना, ठंडा पसीना आना और चक्कर आना। | डकार आने या गैस निकलने पर आराम मिलना। |
| आराम करने पर | आराम करने या लेटने पर भी दर्द कम नहीं होता। | खाना पचने या एंटासिड लेने पर आराम मिल जाता है। |
| गंभीरता | यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। | आमतौर पर जानलेवा नहीं है, पर बार-बार होना ठीक नहीं। |
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और मेयो क्लिनिक के मुताबिक, अगर सीने का दर्द 5 मिनट से ज्यादा समय तक लगातार बना रहे, तो बिना वक्त गंवाए सतर्क हो जाना चाहिए। यदि यह दर्द हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ की तरफ बढ़ने लगे, सांस लेने में दिक्कत होने लगे, अचानक ठंडा पसीना छूटने लगे या मतली और बेहोशी जैसा महसूस होने लगे, तो इसे मामूली गैस समझने की भूल बिल्कुल न करें। ऐसे समय में खुद डॉक्टर बनने या एंटासिड खाकर आराम का इंतजार करने के बजाय, तुरंत एम्बुलेंस बुलानी चाहिए या मरीज को नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले जाना चाहिए क्योंकि ऐसे मामलों में हर एक मिनट कीमती होता है।
ऐसी स्थिति में गैस होगी मानकर घर पर इलाज करने की बजाय डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना ज्यादा सुरक्षित है। अस्पताल में ईसीजी (ECG), ट्रोपोनिन (Troponin) रक्त जांच और अन्य जांचों से यह पता लगाया जा सकता है कि दर्द का कारण दिल है या नहीं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
27 Jun 2026 01:00 pm
Published on:
27 Jun 2026 12:23 pm
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