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Heart Recovery Tips: दिल का दौरा पड़ने के बाद कौन से व्यायाम हैं सुरक्षित और किनसे बचना है जरूरी? जानिए कार्डियोलॉजिस्ट की राय

Heart Attack Recovery Tips: हार्ट अटैक के बाद कौन-सी एक्सरसाइज सुरक्षित है और किन गतिविधियों से बचना चाहिए? कार्डियोलॉजिस्ट से जानें रिकवरी के लिए जरूरी टिप्स।
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भारत

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Dimple Yadav

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Updated: 2 Jun 2026, 12:00 PM IST

Heart Attack Recovery Exercise After Heart Attack Cardiac Rehabilitation

कार्डियक रिकवरी को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

Heart Attack Recovery Exercise: दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने के बाद मरीजों के मन में अक्सर यह डर रहता है कि क्या वे दोबारा शारीरिक रूप से सक्रिय हो पाएंगे? मेडिकल साइंस और हालिया शोध बताते हैं कि रिकवरी के लिए सही समय पर सही एक्सरसाइज शुरू करना न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि यह दूसरे हार्ट अटैक के खतरे को भी काफी कम कर देता है। हालांकि, गलत व्यायाम दिल पर भारी पड़ सकता है।

क्या कहती है मेडिकल रिसर्च?

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (ESC) के हालिया कंबाइंड क्लिनिकल डेटा के अनुसार, हार्ट अटैक के बाद शुरुआती कुछ हफ्तों में की गई हल्की शारीरिक गतिविधि दिल की मांसपेशियों को तेजी से ठीक होने में मदद करती है।

शोध बताते हैं कि जो मरीज डॉक्टर की देखरेख में कार्डियक रिहैबिलिटेशन (हार्ट रिकवरी प्रोग्राम) के तहत हल्की वॉक शुरू करते हैं, उनमें भविष्य में हार्ट फेलियर का खतरा 25% तक कम हो जाता है। क्लिनिकल ट्रायल्स के अनुसार, हल्की एक्सरसाइज से शरीर में रक्त का संचार बेहतर होता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। रिसर्च के मुताबिक, मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के कम से कम 2 से 3 हफ्तों तक भारी शारीरिक श्रम से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान दिल की मांसपेशियां हीलिंग फेज (ठीक होने के चरण) में होती हैं।

कार्डियोलॉजिस्ट की राय

गोरखपुर के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता बताते हैं, "मेडिकल गाइडलाइंस साफ कहती हैं कि एक्सरसाइज जरूरी है, लेकिन हर मरीज के दिल की क्षमता अलग होती है। लापरवाही या जल्दबाजी में जिम जाना या भारी वजन उठाना दोबारा दिल के दौरे का कारण बन सकता है।" मरीजों को व्यायाम चुनते समय नीचे दी गई बातों का खास ख्याल रखना चाहिए:

सुरक्षित व्यायाम (इनसे करें शुरुआत)

  • रिकवरी के लिए हल्की वॉक सबसे सुरक्षित माध्यम है। शुरुआत में घर के समतल फर्श पर 5-10 मिनट टहलें। धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 20 से 30 मिनट तक ले जाएं।
  • जब डॉक्टर अनुमति दें, तो बिना किसी झटके या रेजिस्टेंस के जिम वाली स्टेबल साइकिल का उपयोग किया जा सकता है।
  • तनाव को कम करने के लिए अनुलोम-विलोम और हल्की स्ट्रेचिंग फायदेमंद है।

भूलकर भी न करें ये व्यायाम

  • भारी डम्बल उठाना या अचानक सीने पर दबाव डालने वाले व्यायाम सख्त मना हैं।
  • तेज दौड़ना (Running), रस्सी कूदना या तेज गति से सीढ़ियां चढ़ना दिल की धड़कन को अचानक बढ़ा देता है, जो खतरनाक है।
  • ऐसी एक्सरसाइज जिनमें सांस रोककर मांसपेशियों को लंबे समय तक सिकोड़ना पड़ता है, वे ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ाती हैं।

इन लक्षणों पर रखें नजर

डॉ. रोहित गुप्ता सलाह देते हैं कि एक्सरसाइज करते समय शरीर के संकेतों को समझें। यदि वॉक या हल्की एक्टिविटी के दौरान सीने में भारीपन, सांस फूलना, अचानक तेज पसीना आना, चक्कर आना या धड़कन का असामान्य होना जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत रुक जाएं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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