
Kidney Pain Symptoms: किडनी हमारी बॉडी का अहम हिस्सा माना जाता है। ये हमारे शरीर में खून साफ करने के साथ ही गंदगी और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालती है। साथ ही बल्ड प्रेशर को भी कंट्रोल करने का काम करती है। लेकिन जब किडनी ठीक से काम करना बंद कर देती है को शरीर कुछ शुरूआती सकेंत देने लगता है। ये दर्द हमेशा किडनी वाली जगह पर ही महसूस नहीं होता है। कभी ये पीठ, पेट, कमर, पैरों और छाती में भी होता है।
यदि समय रहते इनके शुरूआती लक्षणों को पहचान लिया जाए तो किडनी की कई बीमारियों को रोका या कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए जरूरी यह है कि हमे अपने शरीर में होने वालों बदलावों को ध्यान देना चाहिए।
सबसे आम और साफ-साफ दिखने वाला लक्षण, पीठ के निचले हिस्से (कमर के पास, पसलियों और कूल्हों के बीच) दर्द होना। आप इसे नजरअंदाज ना करें।
इस दौरान हल्का-हल्का सुस्त दर्द, एक या दोनों तरफ तेज़ चुभन वाला दर्द, जो बीच-बीच में आता है जैसे किडनी स्टोन में होता है। साथ ही आराम करने या लेटने से भी दर्द कम नहीं होता है। जब किडनी में सूजन, इन्फेक्शन या रुकावट (जैसे स्टोन) हो जाती है तो दर्द पीठ तक पहुंच जाता है। ये दर्द साधारण मसल्स पेन से अलग होता है क्योंकि मालिश, आराम या स्ट्रेचिंग से भी ठीक नहीं होता।
किडनी का दर्द कई बार नीचे की तरफ पेट या ग्रोइन (जांघ और पेट के बीच का हिस्सा) तक भी जाता है। ये अधिकतर किडनी स्टोन या गंभीर इन्फेक्शन की वजह से होता है। इस दौरान अचानक तेज चुभन वाला दर्द, जो आता-जाता रहता है। लगातार भारीपन या दर्द पेट,पेल्विक एरिया में होता है। पेशाब करते समय जलन, दर्द या बार-बार पेशाब आने की इच्छा
किडनी से पेशाब को ब्लैडर तक ले जाने वाली नली (यूरेटर) पेट के निचले हिस्से से होकर गुजरती है। जब स्टोन या कोई रुकावट इस नली में फंस जाती है, तो ये आसपास की नसों और टिश्यूज को दबाती है, जिससे दर्द ग्रोइन तक महसूस होने लगता है।