Migraine : माइग्रेन ऐसी समस्या है। जिसके कारण व्यक्ति का सिर दर्द होने के साथ अन्य समस्या भी होती है। जिससे निजात पाने के लिए आप कुछ घरेलू उपाय कर सकते हैं।
माइग्रेन यानी सिर में होने वाला ऐसा दर्द है। जिसके कारण व्यक्ति परेशान हो जाता है। इसलिए Migraine के लक्षण पहचान कर उन्हें प्राकृतिक रूप से दूर करने के उपाय करने चाहिए। माइग्रेन में सिर के एक हिस्से में तेज दर्द होता है। ऐसा लगता है जैसे कोई हथोड़ा से मार रहा हो। यह दर्द सिर के आधे हिस्से में होता है, तो कभी पूरे हिस्से में भी होता है। यह स्थिति कई बार कुछ दिनों तक रहती है।
माइग्रेन के लक्षण -
कभी-कभी हमें सिर दर्द की समस्या होती है। लेकिन क्या बार-बार होने वाला सिरदर्द माइग्रेन का कारण होता है। इसके लिए आप इसकी पहचान कुछ लक्षणों से कर सकते हैं। इसकी पहचान ऑरा से की जा सकती है। जिसमें प्रभावित व्यक्ति को रुक-रुक कर चमकीली रोशनी, टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं नजर आती है। आंखों के सामने काले धब्बे दिखाई देते हैं। स्किन में चुभन सी होती है। कमजोरी भी महसूस होती है। आंखों के नीचे काले घेरे, गुस्सा, चिड़चिड़ापन, सिर के एक हिस्से में तेज दर्द आदि लक्षण होते हैं। यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। जिसमें रह-रहकर सिर में एक तरफ बहुत दर्द होता है। इस में चुभन भी होती है। यह दर्द कुछ घंटों से लेकर कुछ दिन तक रह सकता है। इसमें सिर दर्द के साथ गैस्टिक, मितली, उल्टी जैसी समस्या भी हो सकती है। इसी के साथ माइग्रेन में रोशनी, तेज आवाज आदि से परेशानी होती है। अगर इन लक्षणों में से कोई लक्षण नजर आए। तो आप तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
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माइग्रेन से बचाव के तरीके -
- माइग्रेन से बचने के लिए आपको अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव करना होगा। इसी के साथ आहार में भी कुछ बदलाव जरूरी होता है। इससे माइग्रेन की समस्या को कम किया जा सकता है।
- टेंपरेचर में बदलाव की समस्या से बचना चाहिए। यानी आप अगर गर्मी के मौसम में एसी का उपयोग करते हैं। तो एकदम ठंडे से गर्म में नहीं निकले और एकदम गर्म से ठंडे में नहीं जाएं। इसी के साथ पसीना आते समय या गर्मी से आते ही पानी नहीं पीए। थोड़ी देर बाद पसीना सूखने के बाद ही पानी पीएं।
- आप गर्मी के मौसम में तेज धूप में बाहर निकल रहे हैं। तो सूरज की सीधी किरणें आप पर नहीं पड़े। इसलिए आप सनग्लासेस या छतरी का भी इस्तेमाल करें।
- गर्मी के मौसम में अधिक ट्रेवलिंग करने से बचें।
- उमस वाले मौसम में उन चीजों का सेवन कम से कम करें। जिनसे अधिक पसीना निकलता है। यानी चाय, काफी आदि का सेवन करने से बचना चाहिए।
- अधिक मिर्ची नहीं खाना चाहिए। ब्लड प्रेशर मेंटेन रखना चाहिए और गर्भ निरोधक गोलियां नहीं खाएं। अगर गर्भ निरोधक गोलियां लेना ही है तो कम से कम लें।
- रोजाना सुबह टहलने जरूर जाएं। नंगे पांव घास पर चलें। क्योंकि इससे तनाव काफी कम होता है। अगर तनाव कम रहेगा तो हारमोंस भी बैलेंस में रहेंगे। जिससे माइग्रेन की समस्या नहीं होगी।
- रोज आधे घंटे तक योगासन व प्राणायाम जरूर करें। इससे आपको काफी फायदा रहेगा। इसी के साथ मेडिटेशन भी करना चाहिए।
- माइग्रेन से पीड़ित लोगों को तरल पदार्थ यानी जूस, नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, लस्सी आदि का सेवन करना चाहिए। फल औऱ सब्जी खूब खाना चाहिए। नमक कम मात्रा में खाना चाहिए। चाय, काफी, कोल्ड ड्रिंक्स आदि लेने से बचना चाहिए। अल्कोहल और चॉकलेट का सेवन भी नहीं करें। तले गले मसाले वाले खाने से भी बचें। उपवास भी माइग्रेन की परेशानी बढ़ाते हैं। इसलिए इस से भी बचना चाहिए। इसी के साथ भरपूर मात्रा में नींद लेना चाहिए और अपनी बॉडी को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिए।इससे आपको काफी आराम मिलेगा।