स्वास्थ्य

Laughing Epilepsy Treatment: बिना वजह आती थी हंसी, निकली गंभीर बीमारी! AIIMS जोधपुर ने किया इस दुर्लभ बीमारी का इलाज

Laughing Epilepsy Treatment: AIIMS जोधपुर ने लाफिंग एपिलेप्सी से पीड़ित 4 बच्चों का सफल इलाज किया। जानिए इस दुर्लभ बीमारी और नई तकनीक के बारे में।
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Apr 06, 2026
Laughing Epilepsy Treatment
Laughing Epilepsy Treatment (photo- gemini ai)

Laughing Epilepsy Treatment: अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences Jodhpur) ने एक बड़ी मेडिकल सफलता हासिल की है। यहां डॉक्टरों ने लाफिंग एपिलेप्सी यानी हंसी वाली मिर्गी से पीड़ित चार बच्चों का सफल इलाज किया है। यह एक बहुत ही दुर्लभ और परेशान करने वाली बीमारी है, जिसमें बच्चों को बिना किसी वजह के अचानक हंसी के दौरे पड़ते हैं।

क्या होती है लाफिंग एपिलेप्सी?

लाफिंग एपिलेप्सी, जिसे मेडिकल भाषा में gelastic seizures कहा जाता है, एक ऐसा न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जिसमें मरीज को अचानक हंसी आने लगती है, लेकिन इसका खुशी या मजाक से कोई लेना-देना नहीं होता। यह समस्या दिमाग में होने वाली असामान्य इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी की वजह से होती है। कई मामलों में यह दिमाग के एक हिस्से, जिसे hypothalamus कहते हैं, में छोटी सी गांठ (hypothalamic hamartoma) के कारण होती है।

बच्चों के लिए क्यों मुश्किल है यह बीमारी?

इस बीमारी से पीड़ित बच्चों को दिन में 10–20 बार तक दौरे पड़ सकते हैं। इससे उनकी पढ़ाई, खेलकूद और सामान्य जीवन पर बुरा असर पड़ता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि आम मिर्गी की दवाएं इस पर अक्सर असर नहीं करतीं। साथ ही, दिमाग के अंदर गहराई में होने की वजह से इसका ऑपरेशन भी जोखिम भरा होता है।

कैसे हुआ इलाज?

AIIMS जोधपुर के डॉक्टरों ने एक एडवांस तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसे stereotactic radiofrequency ablation कहा जाता है। इस प्रक्रिया में कंप्यूटर की मदद से दिमाग में समस्या वाली जगह को सटीक ढूंढा जाता है। एक छोटा सा कट लगाकर पतली प्रोब अंदर डाली जाती है। फिर हीट एनर्जी से उस खराब टिश्यू को खत्म किया जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें ओपन ब्रेन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे खतरा और रिकवरी टाइम दोनों कम हो जाते हैं।

चौंकाने वाले नतीजे

इस इलाज के रिजल्ट काफी शानदार रहे। चारों बच्चों की सर्जरी सफल रही। कोई बड़ी परेशानी सामने नहीं आई। 48 घंटे के अंदर बच्चों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। सबसे अहम बात ये है कि अब उन्हें दौरे नहीं पड़ रहे है। यह उनके परिवारों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।

भारत में बढ़ती मेडिकल ताकत

यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत में अब एडवांस इलाज तेजी से उपलब्ध हो रहा है। AIIMS जोधपुर राजस्थान का पहला और देश का दूसरा ऐसा AIIMS बन गया है जहां यह खास इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर इस बीमारी को समय पर पहचान लिया जाए, तो बच्चों को बड़ी परेशानियों से बचाया जा सकता है। बार-बार दौरे पड़ने से दिमाग के विकास और व्यवहार पर असर पड़ सकता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
06 Apr 2026 03:25 pm
Published on:
06 Apr 2026 03:25 pm