Liver Disease: द लैंसेट (The Lancet) में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, 2023 में 1.3 अरब लोग लिवर की समस्याओं से प्रभावित थे, अनुमान है कि 2050 तक यह आंकड़ा बढ़कर 1.8 अरब तक पहुंच सकता है। आइए प्रशांत देशाई (हेल्थ एजुकेटर) से जानते हैं कि लिवर डिजीज में कौनसी बीमारियां आती है? इसके कारण और लक्षण क्या होते हैं?
Liver Disease: लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्ववपूर्ण अंगों में से एक है। आपने कहावत तो सुनी होगी न की ये मेरे जिगर का टुकड़ा है। ये जिगर ही असल में हमारा लिवर होता है। आज के इस वैज्ञानिक युग में बीमारियां इतनी ज्यादा बढ़ रही हैं कि लिवर की बीमारियां भी पीछे नहीं है।
द लैंसेट (The Lancet) में प्रकाशित एक नई स्टडी के अनुसार, 2023 में 1.3 अरब लोग लिवर की समस्याओं से प्रभावित थे, अनुमान है कि 2050 तक यह आंकड़ा बढ़कर 1.8 बिलियन तक पहुंच सकता है। नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) अब बच्चों और युवाओं में भी तेजी से फैल रही है। आइए प्रशांत देशाई( हेल्थ एजुकेटर) से जानते हैं कि लिवर डिजीज में कौनसी बीमारियां आती है? इसके कारण और लक्षण क्या होते हैं?
लिवर के कुल वजन का 5% से 10% से अधिक हिस्सा जब फैट (चर्बी) हो जाता है, तो उसे फैटी लिवर कहते हैं। नॉन-अल्कोहलिक का मतलब है कि यह बीमारी उन लोगों को होती है जो या तो बिल्कुल शराब नहीं पीते या बहुत कम मात्रा में पीते हैं। यह मुख्य रूप से खराब मेटाबॉलिज्म और गलत खान-पान के कारण होती है। जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन हार्मोन के प्रति सही प्रतिक्रिया नहीं देतीं, जिससे शुगर लेवल बढ़ जाता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज का सबसे बड़ा कारण होता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।