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Joint Pain Treatment: जोड़ों के दर्द की नई दवा, वैज्ञानिकों ने खोजी ऑस्टियोआर्थराइटिस को खत्म करने की नई तकनीक

Joint Pain Treatment: यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो (UC) बोल्डर के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी प्रायोगिक दवा (Experimental Drug) तैयार की है, जो कुछ ही हफ्तों में इस बीमारी को न केवल रोक सकती है, बल्कि इसे पूरी तरह से रिवर्स यानी ठीक भी कर सकती है। आइए जानते हैं की क्या है ये नई तकनीक?

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भारत

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Nidhi Yadav

Apr 13, 2026

joint pain treatment

joint pain treatment (Image- shutterstock)

Joint Pain Treatment: आज के दौर में जोड़ों का दर्द एक आम समस्या बन चुका है। पहले 30 की उम्र के बाद लोगों के जोड़ों में दर्द की समस्या की शुरुआत होती थी। लेकिन अभी हालात ये हैं कि हर उम्र के लोगों में जोड़ों का दर्द सर चढ़कर बोल रहा हैं। युवाओं में भी अब जोड़ों का दर्द आम बात हो गयी है। कमर दर्द, घुटनों का दर्द या कहें की सभी जोड़ों में दर्द अब कोई नई बात नहीं है। यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो (UC) बोल्डर के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी प्रायोगिक दवा (Experimental Drug) तैयार की है जो सिर्फ कुछ ही हफ्तों में इस बीमारी को रिवर्स कर सकती है।

क्या है यह नई तकनीक?

अब वैज्ञानिकों ने एक स्लो-रिलीज ड्रग-डिलीवरी सिस्टम बनाया है, इसमें होगा ये कि अब दवा को इंजेक्शन से सीधा जोड़ों में डाला जाएगा। यह दवाई शरीर की अपनी कार्टिलेज और हड्डी की कोशिकाओं (cells) को सक्रिय कर देती है, जिससे शरीर खुद जोड़ों की मरम्मत करने लगता है। अब तक मरीजों के पास या तो सस्ती पेन-किलर्स का विकल्प था या बहुत महंगी सर्जरी का। यह नया इंजेक्शन इन दोनों के बीच एक मजबूत रास्ता बन सकता है। जानवरों पर इसका सफल परीक्षण सिर्फ 2 साल में पूरा किया गया। उम्मीद है कि अगले 18 महीनों में इंसानों पर इसका परीक्षण (clinical trials) शुरू हो जाएगा।

ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) क्या होता है?

जहां हमारे शरीर में दो हड्डियां मिलती हैं, वहां पर एक चिकना और लचीला ऊतक होता है जिसे कार्टिलेज (Cartilage) कहते हैं। यह कार्टिलेज एक शॉक एब्जॉर्बर की तरह काम करता है, जो हड्डियों को आपस में रगड़ने से बचाता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस की स्थिति में यह कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने या टूटने लगता है, जिससे हड्डियां आपस में टकराने लगती हैं और तेज दर्द व सूजन पैदा होती है। इसके साथ ही गंभीर दर्द की भी शिकायत रहती है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) के लक्षण क्या होते हैं?

  • उम्र बढ़ने के साथ कार्टिलेज की क्षमता में कमी होना।
  • वजन का बहुत ज्यादा बढ़ना।
  • पुरानी चोट का बार-बार आना।
  • आनुवंशिकता।
  • मधुमेह (Diabetes) या शरीर में आयरन का संतुलन बिगड़ना।

प्रमुख लक्षण (Symptoms)

  • जोड़ों में गहरा और तेज दर्द होना।
  • लंबे समय तक बैठने के बाद जोड़ों का जाम हो जाना।
  • जोड़ों के पास सूजन दिखाई देना।
  • हड्डियों के आपस में रगड़ने या चटकने की आवाज आना (Crepitus)।
  • जोड़ों को मोड़ने में कठिनाई होना।

ऑस्टियोआर्थराइटिस से बचाव के उपाय?

  • वजन कम रखना।
  • नियमित व्यायाम करना।
  • डाइट में कैल्शियम, विटामिन-डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल करें।
  • डायबिटीज को नियंत्रित रखें।
  • जोड़ों पर गलत दबाव न पड़ने दें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।