Marine Virus Infection: एक स्टडी के अनुसार समुद्री जीवों में पाया जाने वाला वायरस अब इंसानों में आंखों की बीमारी का कारण बन सकता है। जानिए लक्षण, कारण और बचाव।
Marine Virus Infection: हाल ही में एक चौंकाने वाली रिसर्च सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि समुद्री जीवों (जैसे झींगा और मछली) में पाया जाने वाला एक वायरस अब इंसानों में आंखों की बीमारी का कारण बन सकता है। यह स्टडी Nature Microbiology में प्रकाशित हुई है।
इस बीमारी का नाम है Persistent Ocular Hypertension Viral Anterior Uveitis (POH-VAU)। इसमें आंखों में सूजन हो जाती है और आंख का प्रेशर बहुत बढ़ जाता है। अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो यह आंखों की नस (optic nerve) को नुकसान पहुंचाकर नजर भी खराब कर सकती है।
पिछले कुछ सालों में चीन के कुछ इलाकों में इस बीमारी के केस तेजी से बढ़ रहे थे। लेकिन जब मरीजों की जांच की गई, तो उनमें आम वायरस जैसे हर्पीज या शिंगल्स नहीं मिले। इससे डॉक्टरों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यह बीमारी हो क्यों रही है।
वैज्ञानिकों ने 2022 से 2025 के बीच करीब 70 मरीजों पर स्टडी की। उन्होंने मरीजों की आंखों के टिशू को माइक्रोस्कोप से जांचा, जिसमें उन्हें छोटे-छोटे वायरस जैसे कण दिखे। ये कण Covert Mortality Nodavirus (CMNV) जैसे दिख रहे थे, जो आमतौर पर समुद्री जीवों में पाया जाता है। जब इस वायरस के जेनेटिक मैटेरियल की जांच की गई, तो यह लगभग 98.96% तक उसी समुद्री वायरस से मेल खाता था।
रिसर्च में यह भी सामने आया कि ज्यादातर मरीजों का कच्चे सीफूड से संपर्क था। कई लोग बिना ग्लव्स के मछली या झींगे साफ करते थे। कुछ लोग कच्चा या अधपका सीफूड खाते थे। ऐसा माना जा रहा है कि यह वायरस त्वचा के छोटे कट या खाने के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है।
वैज्ञानिकों ने लैब में और जानवरों पर भी टेस्ट किया। जब इस वायरस को चूहों में डाला गया, तो उनमें भी वही लक्षण दिखे, आंखों का प्रेशर बढ़ना और सूजन। इससे यह साफ हुआ कि यह वायरस सिर्फ मौजूद नहीं, बल्कि बीमारी का कारण भी बन सकता है।
फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूर रखनी चाहिए। यह वायरस दुनिया के कई हिस्सों में समुद्री जीवों में पाया गया है, इसलिए रिस्क पूरी तरह खत्म नहीं है।