Medication Errors In India 2026: भारतीय अस्पतालों की लापरवाही का खुलासा शोध रिपोर्ट इंडियन जर्नल ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन पर प्रकाशित हुई है। इस स्टडी के मुताबिक, भारत का हर 3 में से एक मरीज मेडिकल एरर का शिकार होता है।
Medication Errors In India : भारतीय अस्पतालों की लापरवाही का खुलासा करने वाली एक शोध रिपोर्ट इंडियन जर्नल ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन पर प्रकाशित हुई है। इस स्टडी के मुताबिक, भारत का हर 3 में से एक मरीज मेडिकल एरर का शिकार होता है। करीब 3 लाख मरीजों की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर ये बात सामने आई है। आईसीयू का मरीज हो या ओपीडी का, इस तरह की लापरवाही का वो शिकार (Medical Errors) होता ही है।
भारत के अस्पतालों का ये हाल चिंताजनक है। ये हेल्थ सेक्टर की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है। क्योंकि, हर दिन मरीज कोई महत्वपूर्ण दवा लेना भूल जाते हैं, उन्हें गलत खुराक दी जाती है, या किसी दूसरे के लिए तय की गई दवा दे दी जाती है। ये दुर्लभ घटनाएं नहीं हैं। 'इंडियन जर्नल ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन' में प्रकाशित एक सिस्टमैटिक लिटरेचर रिव्यू (SLR) से पता चलता है कि ये गलतियां अब नियमित हो चुकी हैं।
स्टडी के अनुसार, इस समीक्षा में जनवरी 2014 से अप्रैल 2025 तक के 40 अध्ययनों का विश्लेषण किया गया, जिसमें 3,07,106 अस्पताल में भर्ती मरीज शामिल थे।
आईसीयू अस्पताल का वह स्थान है जहां मरीज जीवन और मौत के बीच होता है। मगर, यहां पर भी मरीज लापरवाही का शिकार हो रहा है। शोध के मुताबिक, कुछ यूनिट्स में लगभग हर दूसरे मरीज पर दवा की गलती का असर पड़ा।
इस अध्ययन के अनुसार यहां त्रुटि दर 74%** तक पाई गई, जिसका अर्थ है कि लगभग चार में से तीन मरीजों के साथ दवा को लेकर कुछ गलत हुआ।