
पीरियड्स क्रैम्प् या महावारी का दर्द सभी महिलाओं के लिए हर महीने आने वाली एक चुनौती की तरह होता है। डॉक्टर बताते हैं कि ये दर्द पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से और कमर में होता है। कुछ महिलाओं को इस दर्द का आभास भी नही होता मगर कुछ महिलाओं को गंभीर दर्द के साथ-साथ और भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
क्या है पीरियड्स क्रैम्प?
पीरियड्स क्रैम्प के लक्षणों में शामिल हैं:
पीरियड्स क्रैम्प के कारण
डॉक्टर बताते हैं कि पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द का कारण प्रोस्टेग्लेंडाइन नाम का एक हार्मोन होता है जो कि पीरियड्स के दौरान ओवरी के पास रिलीज होता है। इसके अलावा पीरियड्स के दौरान ओवरी में खून की कमी हो जाने के कारण मसल्स भी सिकुड़ती हैं जिसकी वजह से भी दर्द होता है। ये दर्द अगर हर महीने हल्का - फुल्का हो तो घबराने की बात नही है लेकिन यदि पहले नही होता हो और अचानक दर्द होने लगा हो तो डॉक्टर को अवश्य दिखाये।
पीरियड्स क्रैम्प कम करने के उपाय
1. खूब पानी पीना
इससे बॉडी हाइड्रेट रहती है। क्रैम्प्स के अलावा ब्लॉटिंग, इनडाइजेशन जैसी तकलीफो से भी बचाव होता है।
2. हाई फाइबर वाली चीज़े खाएं
लो फैट और हाई फाईबर वाले फूड खाएं। सलाद, केला, ड्रायफ्रूट्स, डार्क चॉकलेट, ग्रीन टी फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
3. सिकाई करे
पीरियड्स क्रैम्प में कई बार हल्की सिकाई करने से आराम होता है।
4. योग करें
डॉक्टर की सलाह से हल्की एक्सरसाइज जैसे कि योग या फिजियोथेरेपी की मदद से क्रैम्पस से राहत मिल सकती है।
5. डॉक्टर की सलाह से पेन किलर्स लें
अपने डॉक्टर से सलाह लेकर अपने पास पेनकिलर्स रखें जिसे क्रैम्प्स ज्यादा होने पर ले सकते हैं। ध्यान रहे, बिना डॉक्टर की सलाह के की भी दवा ना लें।