
New Delhi। बढ़ते उम्र के साथ-साथ लोग चीजों को आसानी से भूलने लग जाते हैं। जो उम्र बढ़ने का एक सामान्य संकेत है और यह सभी को प्रभावित करता है। हमारे शरीर की तरह हमारा दिमाग भी बूढ़ा हो जाता है और हमारे लिए सभी कार्यों को आसानी से करना बहुत कठिन हो जाता है। इस उम्र में नई चीजें सीखना, कोई जानकारी याद रखना या फिर किसी घटना को याद करने समय लगता है। इस प्रकार का लक्षण किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत आम होता होता है। यह मुद्दा किसी के लिए भी तब तक बड़ा नहीं होता, जब तक कि ये बहुत गंभीर न हो जाएं और आपकी दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू ना कर दें। लंबे और अधिक समय तक किसी भी चीज को भूलने की समस्या को ही डिमेंशिया कहते हैं।
डिमेंशिया क्या है?
डिमेंशिया या मनोभ्रंश बुढ़ापे में होने वाली एक समस्या है। ये कोई बीमारी नहीं है, बल्कि दिमाग या मस्तिष्क को नुकसान पहुंचने के बाद व्यक्ति के व्यवहार में आए बदलाव से पैदा होने वाले सामान्य लक्षणों में से एक है। अल्जाइमर, वैस्कुलर डिमेंशिया, पार्किंसंस सभी डिमेंशिया के अंतर्गत ही आते हैं। अल्जाइमर को डिमेंशिया या मनोभ्रंश का सबसे प्रमुख कारण माना जाता है।
डिमेंशिया के अन्य लक्षणों में भूलने की बीमारी, सामजिक तौर-तरीके भूल जाना, सोचने-समझने की क्षमता कम हो जान, समस्याओं को हल करने में कठिनाई होना, लिखने या बोलने में कठिनाई और लगातार खराब निर्णय लेना जैसे कई अन्य लक्षण भी शामिल हैं। इनमें से कुछ समस्याएं लोगों में आम हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि वैसे व्यक्ति डिमेंशिया के शिकार हो गए हैं। आइए ऐसे ही 5 आम समस्याओं के बारे में जानते हैं जिसे डिमेंशिया के लक्षण के रूप में गलत माना जाता है।
नाम, अपॉइंटमेंट और दवा लेना भूल जाना
उम्र बढ़ने के साथ लोगों में भूलने की बीमारी आम हो जाती है, लेकिन कई बार शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण भी लोग कुछ चीजें भूलने लग जाते हैं। कुछ लोग अपने दैनिक जीवन में व्यस्त रहने और तनाव के कारण समय-समय पर कुछ चीजें या घटनाओं को भूल जाते हैं। जैसे किसी का नाम या फिर समय पर दवा लेना, लेकिन बाद में उन्हें सारी बातें याद आ जाती है। वे अक्सर अपने डॉक्टर के अपॉइंटमेंट्स को भी भूल जाते हैं। डिमेंशिया के केस में ऐसा नहीं होता है। इस मानसिक स्थिति से पीड़ित लोगों को उस विशेष घटना से संबंधित कुछ भी याद नहीं रहता है।
पैसे गिनते समय गलतियां करना
डिमेंशिया से पीड़ित लोगों को किसी योजना का पालन करने या समस्याओं को हल करने में काफी कठिनाईयां होती है। वे पहेली को हल करने और बड़े हिसाब-किताब करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं। उनकी हालत इतनी गंभीर हो जाती है कि उन्हें एक परिचित कार्य को करने या मासिक बिलों का हिसाब रखने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वृद्धावस्था में भी लोगों को कई बार पैसे गिनती समय गलतियां कर बैठते हैं। हालांकि, इसे डिमेंशिया नहीं कहा जा सकता है।
दिन याद ना रहना
यह हम सभी के साथ अक्सर होता है। जब हम छुट्टियों पर होते हैं तो दिन को याद करने में थोड़ा वक्त लग जाता है। कभी-कभी तो इसकी पुष्टि के लिए हम आस-पास के लोगों से पूछ लेते हैं या केलेंडर देखते हैं। ऐसा उन लोगों के साथ भी होता है जो डिमेंशिया के शिकार हो जाते हैं, लेकिन उनके लिए इसे याद कर पाना काफी मुस्किल और जटिल हो जाता है।
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कोई सटीक शब्द भूल जाना
मनोभ्रंश के सबसे विशिष्ट लक्षणों में से एक है बातचीत करने में परेशानी होना। मनोभ्रंश से पीड़ित लोगों के साथ बातचीत समाप्त करने में अधिक समय लगता है क्योंकि वे अक्सर यह भूल जाते हैं कि वो क्या कह रहे थे या दूसरों ने क्या कहा है। लेकिन कभी-कभी किसी स्थिति का वर्णन करने के लिए किसी सटीक शब्द को भूल जाना मानसिक बीमारी नहीं कहलाता है। यह किसी भी व्यक्ति के लिए सामान्य हो सकता है।
कभी कभार गलत निर्णय लेना
हर मनुष्य से गलतियां होती है। गलती मनुष्य के जीवन का ही एक हिस्सा है। हमलोग भी कभी-कभी किसी व्यक्ति या स्तिथि के बारे में गलत निर्णय ले लेते हैं और यह बिल्कुल सामान्य है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति एक ही गलती को बार-बार दोहराता है तब उसे सामान्य नहीं कहा जा सकता है। एक ही गलती को बार-बार दोहराना और अक्सर गलत निर्णय लेना इस बात की पुष्टि करता है कि वह व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य से पीड़ित है।