Miracle fruit For Cancer : कैंसर हो जाने के बाद मरीजों के खाने का स्वाद बदल जाता है। लेकिन अब इस समस्या से परेशान होने की जरूरत नहीं है। एक ऐसा फल आया है, जिसे खाने के बाद मुंह का स्वाद बेहतर हो जाता है। आइए जानते हैं इस फल के बारे में।
Miracle fruit: कैंसर हो जाने के बाद मरीज को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ी समस्या कीमोथेरेपी के दौरान खाने के स्वाद में बदलाव होती है। इस दौरान खाना धातु जैसा, कड़वा या कभी-कभी सड़ा हुआ सा महसूस होता है। इसे डॉक्टर “कीमो माउथ” (Chemo Mouth) कहते हैं।
कीमो माउथ के कारण मरीजों के लिए जरूरी पोषण लेना मुश्किल हो जाता है। खाना खाने का अनुभव इतना असहज हो जाता है कि कई मरीज खाने से बचने लगते हैं। लेकिन अब इस समस्या से परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब एक ऐसा फल आया है, जिसे खाने के बाद मुंह का स्वाद बेहतर हो जाता है और मरीज आसानी से खाना खा पाते हैं। आइए जानते हैं इस फल के बारे में विस्तार से।
कीमो माउथ कीमोथेरेपी का एक आम साइड इफेक्ट है, जो आमतौर पर इलाज के 7-10 दिन बाद शुरू होता है। इसमें मुंह में जलन, दर्दनाक छाले (म्यूकोसाइटिस), सूखापन या धातु जैसा (मेटैलिक) स्वाद महसूस होता है। यह कीमो दवाओं द्वारा मुंह की तेजी से बढ़ने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने के कारण होता है।
दक्षिण फ्लोरिडा में उगने वाला मिरेकल फ्रूट, जिसे सिन्सेपलम डुलसिफिकम (Synsepalum dulcificum) कहा जाता है, कैंसर के मरीजों के खाने का अनुभव बेहतर बनाने में मदद कर रहा है। यह छोटा लाल बेरी 30 से 40 मिनट तक खट्टे और कड़वे स्वाद को मीठा बना देता है। मिरेकल फ्रूट खाने के बाद मरीजों को नींबू या अन्य खट्टे फल अब मीठे और स्वादिष्ट लगते हैं। इससे मरीज का खाने में लगाव बना रहता है और शरीर में जरूरी पोषण की कमी नहीं होती।
मिरेकल फ्रूट अमेरिका में उगाने के लिए सबसे सही जगह मियामी है। इसके जूस या फल खाने के बाद नींबू का स्वाद अब संतरे जैसा मीठा लगने लगता है। अभी यह बेरीज माउंट सिनाई मेडिकल सेंटर और Miami Cancer Institute में मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जाती है। इसे फ्रीज करके भी बेचा जाता है ताकि इसकी खासियत लंबे समय तक बनी रहे।