
एक्यूप्रेशर को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)
Acupressure Benefits: सिरदर्द हो, गर्दन में जकड़न हो या दिनभर की भागदौड़ के बाद तनाव महसूस हो, ऐसे में कई लोग एक्यूप्रेशर (Acupressure) का सहारा लेते हैं। सोशल मीडिया पर भी अक्सर दावा किया जाता है कि शरीर के कुछ खास पॉइंट दबाने से दर्द, चिंता और थकान मिनटों में कम हो सकती है। लेकिन क्या यह सच है या सिर्फ एक मिथक?
अमेरिका के National Center for Complementary and Integrative Health (NCCIH), Cleveland Clinic और PubMed Central (PMC) में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, एक्यूप्रेशर कुछ लोगों में दर्द और तनाव कम करने में मददगार हो सकता है। हालांकि इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाता और इसके प्रभाव व्यक्ति-व्यक्ति में अलग हो सकते हैं।
एक्यूप्रेशर पारंपरिक चीनी चिकित्सा पद्धति (Traditional Chinese Medicine) से जुड़ी एक तकनीक है। इसमें शरीर के कुछ विशेष बिंदुओं (Pressure Points) पर उंगलियों, हथेलियों या विशेष उपकरणों की मदद से दबाव डाला जाता है। मान्यता है कि ये पॉइंट शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करते हैं और कुछ लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
PMC में प्रकाशित कई अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि एक्यूप्रेशर कुछ स्थितियों में दर्द कम करने और मानसिक तनाव घटाने में मददगार साबित हो सकता है। विशेष रूप से इन समस्याओं में लाभ के संकेत मिले हैं:
हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी और बड़े तथा उच्च गुणवत्ता वाले अध्ययनों की आवश्यकता है।
Cleveland Clinic के अनुसार, एक्यूप्रेशर के दौरान शरीर रिलैक्स महसूस कर सकता है। कुछ लोगों में इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है और मानसिक शांति महसूस होती है। जब कोई व्यक्ति कुछ मिनट शांति से बैठकर नियंत्रित तरीके से एक्यूप्रेशर करता है, तो उसका तनाव स्तर कम हो सकता है। इसमें शरीर की प्राकृतिक रिलैक्सेशन प्रतिक्रिया भी भूमिका निभा सकती है।
NCCIH के अनुसार, कुछ शोधों में पाया गया है कि एक्यूप्रेशर शरीर के दर्द को महसूस करने वाले तंत्र को प्रभावित कर सकता है। इससे कुछ लोगों को अस्थायी राहत मिल सकती है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को समान लाभ मिले। गंभीर दर्द या पुरानी बीमारी के मामलों में केवल एक्यूप्रेशर पर निर्भर रहना उचित नहीं माना जाता।
NCCIH के अनुसार, प्रशिक्षित तरीके से किया गया एक्यूप्रेशर आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। इसके दुष्प्रभाव बहुत कम देखे जाते हैं, लेकिन गलत तरीके से अत्यधिक दबाव देने पर दर्द, चोट या असहजता हो सकती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
13 Jun 2026 02:53 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
