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CDC की रिपोर्ट: Chickenpox ठीक होने के बाद भी शरीर में छिपा रहता है वायरस, बाद में बन सकता है Shingles का कारण

Chickenpox Virus: चिकनपॉक्स ठीक होने के बाद भी Varicella-Zoster Virus शरीर की नसों में छिपा रह सकता है। CDC, NHS और Mayo Clinic के अनुसार यही वायरस बाद में Shingles जैसी दर्दनाक बीमारी का कारण बन सकता है।

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भारत

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Dimple Yadav

Jun 13, 2026

Chickenpox Virus Shingles Causes Varicella Zoster Virus Chickenpox After Effects

चिकनपॉक्स को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

Chickenpox After Effects: ज्यादातर लोग चिकनपॉक्स (Chickenpox) को बचपन में होने वाली एक आम बीमारी मानते हैं। शरीर पर खुजली वाले दाने निकलते हैं, बुखार आता है और कुछ दिनों बाद बीमारी ठीक हो जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चिकनपॉक्स का वायरस ठीक होने के बाद भी शरीर को पूरी तरह नहीं छोड़ता?

CDC (Centers for Disease Control and Prevention), NHS UK और Mayo Clinic के अनुसार, चिकनपॉक्स पैदा करने वाला वायरस शरीर में सालों तक छिपा रह सकता है। यही वायरस बाद में दोबारा सक्रिय होकर Shingles (हरपीज ज़ोस्टर) नाम की दर्दनाक बीमारी का कारण बन सकता है।

चिकनपॉक्स के पीछे कौन-सा वायरस होता है?

चिकनपॉक्स Varicella-Zoster Virus (VZV) की वजह से होता है। यह एक बेहद संक्रामक वायरस है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या उसकी खांसी और छींक से फैल सकता है। एक बार संक्रमण होने के बाद शरीर वायरस से लड़कर बीमारी को ठीक तो कर देता है, लेकिन वायरस पूरी तरह खत्म नहीं होता।

शरीर में कहां छिपा रहता है वायरस?

CDC और Mayo Clinic के मुताबिक, चिकनपॉक्स ठीक होने के बाद Varicella-Zoster Virus शरीर की नसों (Nerve Cells) में निष्क्रिय अवस्था में छिपा रहता है। इसे मेडिकल भाषा में Dormant अवस्था कहा जाता है। कई लोगों में यह वायरस जीवनभर निष्क्रिय रह सकता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह फिर से सक्रिय हो सकता है।

कब दोबारा जाग सकता है वायरस?

बढ़ती उम्र, कमजोर इम्यूनिटी, गंभीर बीमारी, लंबे समय तक तनाव या कुछ दवाओं के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। ऐसे में छिपा हुआ वायरस दोबारा सक्रिय हो सकता है। जब ऐसा होता है, तो यह चिकनपॉक्स नहीं बल्कि दाद के रूप में सामने आता है।

क्या है Shingles?

दाद (Shingles) एक दर्दनाक त्वचा रोग है, जिसमें शरीर के किसी एक हिस्से पर फफोले जैसे दाने निकलते हैं। इसके साथ तेज जलन, चुभन और नसों में दर्द महसूस हो सकता है। NHS के अनुसार, यह दर्द कई बार दाने ठीक होने के बाद भी महीनों तक बना रह सकता है। इसे Postherpetic Neuralgia कहा जाता है।

किन लोगों में ज्यादा होता है खतरा?

  • 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
  • कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग
  • कैंसर या गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज
  • अंग प्रत्यारोपण (Transplant) करा चुके लोग
  • लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाएं लेने वाले लोग

हालांकि दाद (Shingles) किसी भी ऐसे व्यक्ति को हो सकता है जिसे जीवन में कभी चिकनपॉक्स हुआ हो।

क्या Shingles से बचा जा सकता है?

CDC के अनुसार, दाद (Shingles) से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। विशेष रूप से 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डॉक्टर की सलाह पर दाद (Shingles) वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा स्वस्थ जीवनशैली, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना भी इम्यूनिटी मजबूत रखने में मदद कर सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।