Moringa Pads: डॉक्टर्स ने मोरिंगा आधारित सैनिटरी पैड्स को बताया स्किन-फ्रेंडली। जानिए कैसे ये पीरियड्स में UTI, जलन और इंफेक्शन का खतरा कम कर सकते हैं।
Moringa Pads: महिलाओं की मेंस्ट्रुअल हेल्थ को लेकर अब एक नया और नेचुरल विकल्प सामने आ रहा है। जाने-माने गायनेकोलॉजिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट्स मोरिंगा (सहजन) से बने सैनिटरी पैड्स को पीरियड्स के दौरान सुरक्षित और स्किन-फ्रेंडली बता रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे पैड्स से यूरिन इंफेक्शन (UTI), बैक्टीरियल वेजिनोसिस और यीस्ट इंफेक्शन का खतरा कम हो सकता है, जो आज कई महिलाओं की बड़ी परेशानी हैं।
मोरिंगा को आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में चमत्कारी पेड़ कहा जाता है। इसमें कई प्राकृतिक तत्व होते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। अब आधुनिक रिसर्च भी यह मानने लगी है कि मोरिंगा में एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद हैं, जो पीरियड्स के दौरान इंटिमेट हाइजीन को बेहतर बना सकते हैं।
दिल्ली के क्लाउड नाइन हॉस्पिटल की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ऋचा सिंघल बताती हैं कि सैनिटरी पैड का ऊपरी हिस्सा कई दिनों तक शरीर की बेहद नाजुक त्वचा के संपर्क में रहता है। अगर पैड की क्वालिटी ठीक न हो, तो जलन और इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। उनके मुताबिक, मोरिंगा को पैड की सामग्री में शामिल करने से बैक्टीरिया की बढ़त कम हो सकती है और UTI जैसे इंफेक्शन से बचाव में मदद मिलती है।
हाल की रिसर्च में सामने आया है कि मोरिंगा के अर्क E. coli जैसे हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोक सकते हैं। इसके एंटीबैक्टीरियल गुण फ्लेवोनॉयड्स और फिनोलिक कंपाउंड्स की वजह से होते हैं, जो शरीर के लिए सुरक्षित माने जाते हैं।
2025 में जर्नल Life में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, मोरिंगा में आम दर्द और सूजन की दवाओं के मुकाबले ज्यादा असरदार एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए गए। स्टडी में बताया गया कि मोरिंगा के पत्तों के अर्क में डाइक्लोफेनाक जैसी दवाओं से करीब ढाई गुना ज्यादा सूजन कम करने की क्षमता है, वो भी बिना साइड इफेक्ट्स के।
IMA गाजियाबाद की अध्यक्ष डॉ. अल्पना कंसल बताती हैं कि पीरियड्स के दौरान प्राइवेट पार्ट की त्वचा बहुत नाजुक हो जाती है। मोरिंगा में मौजूद विटामिन E और फैटी एसिड्स त्वचा की सुरक्षा परत को मजबूत करते हैं और ड्रायनेस व रगड़ से बचाते हैं। इससे स्कूल जाने वाली लड़कियों और कामकाजी महिलाओं को खास फायदा मिल सकता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही अभी और बड़े क्लिनिकल स्टडीज की जरूरत है, लेकिन मोरिंगा का पारंपरिक इस्तेमाल और शुरुआती वैज्ञानिक सबूत यह संकेत देते हैं कि इससे बने सैनिटरी पैड्स भविष्य में पीरियड्स के दौरान ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक और हेल्दी विकल्प बन सकते हैं।