
Child Mortality Report (Photo- gemini ai)
Child Mortality Report 2024: संयुक्त राष्ट्र के एक नई रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में करीब 49 लाख बच्चों की मौत उनके पांचवें जन्मदिन से पहले ही हो गई। इसके अलावा लगभग 21 लाख मौतें बड़े बच्चों, किशोरों और युवाओं में दर्ज की गईं। ये आंकड़े बताते हैं कि भले ही पिछले कुछ सालों में हालात बेहतर हुए हैं, लेकिन अभी भी बहुत काम बाकी है।
1990 के बाद से बच्चों की मौतों में करीब 60% तक कमी आई है। इसका श्रेय वैक्सीनेशन, बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को जाता है। लेकिन अब यह सुधार धीरे-धीरे रुकता हुआ नजर आ रहा है, खासकर कुछ गरीब और संघर्ष वाले इलाकों में।
सबसे ज्यादा बच्चों की मौतें अफ्रीका के कुछ हिस्सों और दक्षिण एशिया में हो रही हैं। यहां गरीबी, कमजोर हेल्थ सिस्टम और कई जगहों पर चल रहे संघर्ष (conflict) के कारण बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता।
नवजात (जन्म के बाद के शुरुआती हफ्तों) में मौत की सबसे बड़ी वजहें हैं। समय से पहले जन्म (प्रिमैच्योर बर्थ), डिलीवरी के दौरान समस्याएं, शुरुआती दिनों में इंफेक्शन डॉक्टरों का कहना है कि अगर गर्भावस्था के दौरान सही देखभाल (antenatal care), प्रशिक्षित डॉक्टर की मौजूदगी में डिलीवरी और जन्म के बाद सही देखभाल मिले, तो इन मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
इस उम्र के बच्चों में ज्यादातर मौतें ऐसी बीमारियों से हो रही हैं, जिन्हें रोका जा सकता है। जैसे निमोनिया, दस्त (डायरिया), मलेरिया इसके अलावा कुपोषण (malnutrition) भी एक बड़ी समस्या है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में 1 लाख से ज्यादा छोटे बच्चों की मौत गंभीर कुपोषण के कारण हुई।
जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, मौत के कारण भी बदल जाते हैं। बड़े बच्चों और किशोरों में इंफेक्शन के साथ-साथ चोट, दुर्घटना और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी अहम कारण बन रही हैं।
रिपोर्ट में एक अहम बात सामने आई है कि बच्चा कहां पैदा हुआ है, इससे उसकी जिंदगी पर बड़ा असर पड़ता है। परिवार की आय, मां की पढ़ाई, साफ पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता ये सभी चीजें बच्चे के जीवित रहने की संभावना को प्रभावित करती हैं।
अगर मौजूदा रफ्तार ऐसे ही रही, तो 2025 से 2030 के बीच करीब 2.73 करोड़ बच्चों की मौत पांच साल की उम्र से पहले हो सकती है। इसमें करीब 1.3 करोड़ नवजात शामिल होंगे। अच्छी बात यह है कि इन मौतों को रोकने के लिए जरूरी साधन पहले से मौजूद हैं जैसे वैक्सीन, पोषण और बेसिक हेल्थकेयर। जरूरत है इन्हें हर बच्चे तक पहुंचाने की। इसके लिए सरकारों को ज्यादा निवेश, बेहतर योजना और तेजी से काम करने की जरूरत है।
Published on:
18 Mar 2026 02:26 pm
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