Morning Fatigue: आपने ऐसे कई मामले देखे होंगे जिनमें पर्याप्त नींद लेने के बाद भी जब व्यक्ति सोकर उठता है, तो उसका शरीर थका हुआ रहता है। कई बार तो शरीर में तेज दर्द की शिकायत भी देखने को मिलती है। आइए, डॉ. बाबूलाल सैनी की पत्रिका से विशेष बातचीत के आधार पर जानते हैं कि ऐसा किन कारणों से होता है और इससे बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए।
Morning Fatigue: आपने अक्सर सुना होगा कि हमारे शरीर के लिए कम से कम 8 घंटे की नींद जरूरी है। डॉक्टर भी यही सलाह देते हैं कि यदि स्वस्थ रहना है, तो पूरी नींद लेनी चाहिए। लेकिन आपने ऐसे कई मामले देखे होंगे जिनमें पर्याप्त नींद लेने के बाद भी जब व्यक्ति सोकर उठता है, तो उसका शरीर थका हुआ रहता है। कई बार तो शरीर में दर्द की शिकायत भी मिलती है।
इसके पीछे कई तर्क दिए जाते हैं, जैसे शायद नींद में कोई डरावना सपना देख लिया होगा, जिसके कारण ऐसा हुआ है। लेकिन असल में यह गंभीर बीमारियों के संकेत हो सकते हैं। आइए, डॉ. बाबूलाल सैनी की पत्रिका से विशेष बातचीत के आधार पर जानते हैं कि ऐसा किन कारणों से होता है और इससे बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए।
जर्नल ऑफ क्लिनिकल स्लीप मेडिसिन की एक रिसर्च के अनुसार, दुनिया की लगभग 30% आबादी उठने के बाद अनरिफ्रेशिंग स्लीप अनुभव करती है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च के अनुसार, जो लोग सोने से पहले गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज या विजुअलाइजेशन तकनीक का पालन करते हैं, उनमें सुबह उठने के बाद स्लीप इनर्शिया का प्रभाव 40% तक कम देखा गया है। वहीं, बेडरूम का तापमान अगर 18°C से 22°C के बीच हो, तो नींद की गुणवत्ता सबसे बेहतर होती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।